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जेपी दिवाला मामला: ऋणदाता समूह ने NBCC की पेशकश ठुकराई, जानिए अब क्या होगा अगल कदम

जेपी इंफ्राटेक की रिणदाता समिति ने गुरुवार को सुरक्षा समूह के प्रस्ताव पर अगले सप्ताह से मतदान प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: May 21, 2021 10:26 IST
जेपी दिवाला मामला:...- India TV Paisa
Photo:FILE

जेपी दिवाला मामला: ऋणदाता समूह ने NBCC की पेशकश ठुकराई, जानिए अब क्या होगा अगल कदम

नयी दिल्ली। जेपी इंफ्राटेक की रिणदाता समिति ने गुरुवार को सुरक्षा समूह के प्रस्ताव पर अगले सप्ताह से मतदान प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया और सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीसीसी द्वारा प्रस्तावित पेशकश को खारिज कर दिया। सूत्रों ने बताया कि एनबीसीसी की बोली दिवाला कानून के कुछ प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाई गई थी इसलिये उसके प्रस्ताव को खारिज कर दिया। 

इससे पहले निर्माण कंपनी एनबीसीसी और सुरक्षा समूह ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के अधिग्रहण को लेकर अपना अंतिम समाधान प्रस्ताव बुधवार को पेश किया। यह कॉर्पोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया का चौथा दौर था। सूत्रों ने बताया कि बोलियों पर चर्चा के लिए गुरुवार को लेनदारों की समिति (सीओसी) की वर्चुअल बैठक हुई। इस दौरान सुरक्षा समूह के पक्ष में अगले सप्ताह मतदान करने का निर्णय लिया गया। मतदान अगले सप्ताह सोमवार को शुरू होगा और गुरुवार तक चलेगा। 

सूत्रों के अनुसार एनबीसीसी की बोली दिवाला कानून के कुछ प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाई गई जिसके कारण समिति ने उसे बोली को मतदान में नहीं शामिल करने का निर्णय किया। हालांकि, एनबीसीसी के प्रस्ताव को सीओसी और एनसीएलटी ने तीसरे दौर की बोली में मंजूरी दी थी। यह बोली 2019 के अंत और पिछले साल की शुरुआत में आयोजित हुई थी। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा समूह ने बोली में यमुना एक्सप्रेस वे को अपने पास रखने का प्रस्ताव रखा है। उसने 20,000 आवास इकाइयों को 42 महीने के भीतर पूरा करने की भी पेशकश की है। 

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मार्च में उच्चतम न्यायालय ने जेपी इंफ्राटेक के लिये केवल एनबीसीसी और सुरक्षा समूह से बोलियां मंगाने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने 45 दिनों में समाधान प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया था। इस समयसीमा की अवधि हालांकि आठ मई को पूरी हो गया और जेपी ने इस संबंध में समय सीमा बढ़ाने को लेकर याचिका भी दायर की थी। जेपी इंफ्राटेक अगस्त 2017 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) द्वारा आईडीबीआई बैंक के नेतृत्व वाले बैंक समूह के एक आवेदन को स्वीकार करने के बाद दिवाला प्रक्रिया में चली गई थी। जिसके बाद यह प्रक्रिया अब पूरी होने को है।

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