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भारत बन रहा कैश-लैस इकोनॉमी, UPI ट्रांजेक्शन इस साल 1000 अरब डॉलर को कर सकता है पार

वही पिछले वर्ष यूपीआई मंचों से करीब 22 अरब लेनदेन हुए थे तथा इस साल यह संख्या 40-45 अरब हो सकती है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: September 30, 2021 12:38 IST
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Photo:FILE

भारत बन रहा कैश-लैस इकोनॉमी, UPI ट्रांजेक्शन इस साल 1000 अरब डॉलर को कर सकता है पार 

नयी दिल्ली। देश में डिजिटल माध्यम से भुगतान के बढ़ते चलन के बीच भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को वार्षिक आधार पर यूपीआई के जरिये एक हजार अरब डॉलर मूल्य के लेनदेन की उम्मीद है। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2021 (जीएफएफ 2021) के दौरान एनपीसीआई के प्रबंध निदेशक और सीईओ दिलीप अस्बे ने कहा कि देश में डिजिटल माध्यम से भुगतान के क्षेत्र में काफी प्रगति हो रही है। पिछले साल कुल डिजिटल भुगतान की संख्या लगभग 55 अरब तक पहुंच गई थी। 

उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से भुगतान संख्या इस बार 70 अरब तक पहुंच सकती है। वही पिछले वर्ष यूपीआई मंचों से करीब 22 अरब लेनदेन हुए थे तथा इस साल यह संख्या 40-45 अरब हो सकती है। अस्बे ने कहा, ‘‘हमें विशवास है कि यूपीआई का मूल्य सालाना आधार पर एक हजार अरब डॉलर से अधिक होगा। 

हम डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र पर मासिक रूप से लगभग 30 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ताओं को देख रहे हैं, जिसमे से यूपीआई मंचों पर 20 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ताओं है।’’ एनपीसीआई प्रमुख ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे व्यापारी हैं जो डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहे हैं और इसमें छोटे व्यापारी भी शामिल हैं। इनकी संख्या पांच करोड़ से अधिक है।

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