Printing of Rs 2000 notes has been stopped says DEA secretary
नई दिल्ली। मार्केट में आने के करीब 17 महीने के बाद 2000 रुपए के नोट की सप्लाई अब बंद की जा चुकी है। मंगलवार को केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि फिलहाल थोड़े समय के लिए 2000 रुपए के नोट की सप्लाई बंद हो चुकी है, हालांकि सिर्फ सप्लाई बंद हुई है नोट बंद नहीं हुए हैं। देशभर में कैश की किल्लत को लेकर आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की तरफ से की गई प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी गई है। सरकार ने नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद 2000 रुपए के नए नोट मार्केट में उतारे थे।
सप्लाई में 2000 रुपए के जरूरत से ज्यादा नोट
हालांकि आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा कि फिलहाल अर्थव्यवस्था में 2000 रुपए के जरूरत से ज्यादा नोट मौजूद है, उन्होंने बताया कि अभी तक 2000 रुपए के लगभग 6.70 लाख करोड़ रुपए के नोट सप्लाई किए जा चुके हैं जो जरूरत सेे ज्यादा है, ऐसे में नए 2000 रुपए के नोट सप्लाई करने की जरूरत नहीं समझी जा रही है, यही देखते हुए इनकी सप्लाई फिलहाल के लिए रोकी गई है।
5 गुना बढ़ेगी 500 रुपए के नोटों की सप्लाई
सुभाष चंद्र गर्ग ने यह भी बताया कि सरकार 500 रुपए के नोटों की सप्लाई को 5 गुना बढ़ा रही है, अभी तक रोजाना 500 रुपए के 500 करोड़ कीमत के नोट सप्लाई हो रहे थे लेकिन अब इनकी सप्लाई को बढ़ाकर 2500 करोड़ कीमत तक किया जा रहा है।
छोटे नोटों की मांग कम
आर्थिक मामलों के सचिव के मुताबिक सरकार के पास मांग को पूरा करने के लिए रिजर्व में करीब 2 लाख करोड़ रुपए के नोट पड़े हुए हैं। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि मौजूदा समय में देशभर में करीब 18 लाख करोड़ रुपए के करेंसी सर्कुलेशन में है जो नोटबंदी से पहले के सर्कुलेशन से कहीं ज्यादा है। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि मौजूदा समय में 100, 50 और 10 रुपए के नोटों के लिए ज्यादा डिमांड नहीं है।



































