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टाटा और भूषण की डील से SBI को मिलेंगे 8830 करोड़ रुपए, अन्य सरकारी बैंकों को भी राहत

Reported by: Manoj Kumar @kumarman145 Published : May 21, 2018 10:44 am IST, Updated : May 21, 2018 10:44 am IST

पिछले हफ्ते टाटा स्टील की कंपनी बामनीपाल स्टील लिमिटेड ने 36,400 करोड़ रुपये का भुगतान कर भूषण स्टील में जो 72.65 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है उस डील से भारतीय स्टेट बैंक को 8830 करोड़ रुपए मिलेंगे। खुद SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार ने मीडिया को इसकी जानकारी दी है। SBI ने भूषण स्टील को कुल 11619 करोड़ रुपए का कर्ज दिया हुआ था लेकिन SBI का यह कर्ज NPA घोषित हो गया था।

SBI to get Rs 8830 crore from Tata Bhushan deal- India TV Paisa

SBI to get Rs 8830 crore from Tata Bhushan deal

नई दिल्ली। पिछले हफ्ते टाटा स्टील की कंपनी बामनीपाल स्टील लिमिटेड ने 36,400 करोड़ रुपये का भुगतान कर भूषण स्टील में जो 72.65 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है उस डील से भारतीय स्टेट बैंक को 8830 करोड़ रुपए मिलेंगे। खुद SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार ने मीडिया को इसकी जानकारी दी है। SBI ने भूषण स्टील को कुल 11619 करोड़ रुपए का कर्ज दिया हुआ था लेकिन SBI का यह कर्ज NPA घोषित हो गया था।

बैंक ऑफ इंडिया को भी मिलेंगे 1993 करोड़ रुपए

दिवाला शोधन कानून के तहत भूषण स्टील के सभी कर्जों की हुई सेटलमेंट के तहत टाटा स्टील ने भूषण स्टील को खरीदा है और उसका कर्ज चुकाने जा रहा है। SBI के अलावा कई और सरकारी बैंकों ने भी भूषण स्टील को बड़ा कर्ज दिया हुआ था, अन्य बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया भी है जिसे भी इस डील के बाद 1993 करोड़ रुपए मिलने जा रहे हैं।

बड़े NPA मामले सुलझे तो बैंकों के पास आएगा 1 लाख करोड़

देश में करीब 12 बड़े NPA खाते हैं जिनमें बैंकों का करीब 1.75 लाख रुपए फंसा हुआ है, भूषण स्टील का खाता भी इन्हीं 12 बड़े NPA खातों में शामिल है। अब सरकार का मानना है कि बैंकों को फंसे कर्ज (NPA) के सभी 12 बड़े मामलों के समाधान से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे। ये वे मामले हैं जिन्हें रिजर्व बैंक ने अपनी पहली सूची में ऋण शोधन कार्यवाही के लिये भेजा है।

ये है 12 बड़े NPA मामले

RBI के परामर्श के बाद बैंकों ने भूषण स्टील लि, भूषण पावर एंड स्टील लि, एस्सार स्टील लि, जेपी इंफ्राटेक लि, लैंको इंफ्राटेक लि, मोनेट इस्पात एंड एनर्जी लि, ज्योति स्ट्रक्चर्स लि, एलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लि, एमटेक आटो लि, एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लि, आलोक इंडस्ट्रीज लि, तथा एबीजी शिपयार्ड लि को एनसीएलटी के पास भेजा। इन सभी फंसे कर्ज के खातों में कुल मिलाकर 1.75 लाख करोड़ रुपये का बकाया है।

कुछ और मामलों के जल्द सुलझने की उम्मीद

राष्ट्रीय कंपनी विधि प्राधिकरण (NCLT) की कोलकाता पीठ पहले ही इलेक्ट्रो स्टील स्टील्स के अधिग्रहण को लेकर वेदांता रिर्सोसेज की समाधान योजना को मंजूरी दे चुका है। इसके अलावा NCLT ने पिछले महीने ही भूषण पावर एंड स्टील के कर्जदाताओं से ब्रिटेन की लिबर्टी हाउस की बोली पर विचार करने को कहा है। भूषण पावर एंड स्टील के ऊपर बैंकों का 48,000 करोड़ रुपये बकाया है। पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले साल जून में मामले को एनसीएलटी के पास भेजा।

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