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व्‍यापारी भी अनजान पर्याप्त भंडार के बावजूद क्यों आया आलू की कीमतों में उछाल, दिवाली के बाद दाम घटने की है उम्मीद

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Nov 05, 2020 11:49 am IST,  Updated : Nov 05, 2020 11:49 am IST

व्यापारियों ने कहा कि राज्य में आलू की कीमतों में ऐसा उछाल करीब एक दशक पहले देखने को मिला था।

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traders searching for answers of potato price rise Image Source : PTI

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के व्यापारियों का कहना है कि उन्हें यह बात समझ नहीं आ रही है कि आलू के दाम क्यों चढ़ रहे हैं। व्यापारियों ने बुधवार को कहा कि राज्य के शीत भंडार गृहों में आलू का पर्याप्त स्टॉक है और केंद्र ने भूटान से इसके लाइसेंस-मुक्त आयात की अनुमति दे दी है, ऐसे में आलू कीमतों में उछाल का कोई कारण नजर नहीं आ रहा। कोलकाता के खुदरा बाजारों में आलू की ज्योति किस्म का दाम 40 रुपये प्रति किलो से अधिक हो गया है। वहीं चंद्रमुखी किस्म 45 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेची जा रही है।

व्यापारियों ने कहा कि राज्य में आलू की कीमतों में ऐसा उछाल करीब एक दशक पहले देखने को मिला था। पश्चिम बंगाल शीत भंडार गृह संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि आलू की 59 लाख टन की कुल क्षमता में से 26-27 प्रतिशत उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि स्टॉक का यह स्तर सामान्य है और पिछले वर्षों की तरह है। संकट की कोई वजह नहीं है। हम कीमतों में वृद्धि की वजह नहीं जान पा रहे हैं। शीत भंडार गृह के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आलू कीमतों में उछाल के लिए अन्य राज्यों को निर्यात, बड़े कॉरपोरेट द्वारा खरीदारी और जमाखोरी को जिम्मेदार बताया जा रहा है। एक व्यापारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने भूटान से बिना लाइसेंस आलू का आयात करने की अनुमति दे दी है। 30,000 टन आलू जल्द आने की उम्मीद है। आंशिक रूप से नियमों में ढील देते हुए सरकार ने 30 अक्टूबर को भूटान से अगले साल 31 जनवरी तक आलू के लाइसेंस मुक्त आयात की अनुमति दी थी।

दिल्ली में उतरा नया आलू, दिवाली के बाद दाम घटने की उम्मीद

आलू की नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है और अगले सप्ताह से आवक बढ़ सकती है, हालांकि दाम में गिरावट की उम्मीद दिवाली के बाद ही की जा सकती है। देश की राजधानी दिल्ली स्थित आजादपुर मंडी में बुधवार को हिमाचल प्रदेश के ऊना से एक ट्रक नया आलू उतरा जो थोक में 50 रुपये किलो बिका। यह जानकारी आजादपुर मंडी पोटैटो ऑनियन मर्चेंट एसोसिएशन यानी पोमा के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र शर्मा ने आईएएनएस को दी। शर्मा ने बताया कि ऊना और हल्द्वानी से नए आलू की आवक शुरू हो चुकी है और अगले सप्ताह पंजाब के होशियारपुर से भी नया आलू बाजार में उतरने की संभावना है।

हालांकि उन्होंने कहा कि आलू के दाम में गिरावट दिवाली के बाद आवक बढ़ने पर ही आ सकती है। आजादपुर मंडी कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) की कीमत सूची के अनुसार, मंडी में आलू का थोक भाव बुधवार को 20 रुपये से 42 रुपये प्रति किलो जबकि मॉडल रेट 29.25 रुपये प्रति किलो था। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में आलू का खुदरा भाव 40 रुपये से 50 रुपये प्रति किलो था।

हालांकि, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन उपभोक्ता मामले विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कीमत सूची के अनुसार, बुधवार को देशभर में आलू का न्यूतम खुदरा भाव 26 रुपये और अधिकतम 80 रुपये प्रति किलो था जबकि एक दिन पहले देशभर में आलू का खुदरा भाव 26 रुपये से 60 रुपये था।

हालांकि कारोबारी बताते हैं कि उत्तर भारत की मंडियों में नए आलू की आवक बढ़ने पर देश के अन्य हिस्सों में भी कीमतों में नरमी आएगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत आने वाले और हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि उत्तर भारत में मौसम अनुकूल रहने से किसानों ने आलू की बुवाई तेज कर दी है और दाम ऊंचा होने से आलू की खेती में किसानों की दिलचस्पी बढ़ी है।

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