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सस्ती होंगे ब्रेड और बिस्कुट! सरकार का यह कदम दे सकता है महंगाई से बहुत बड़ी राहत

 Published : Mar 11, 2023 01:00 pm IST,  Updated : Mar 11, 2023 01:05 pm IST

खाद्य मंत्रालय के अनुसार, गेहूं और गेहूं आटे की खुदरा कीमतों को कम करने के कदमों के तहत पिछले चार दौरों में लगभग 23.47 लाख टन गेहूं खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत थोक उपयोगकर्ताओं को बेचा गया था।

Bread and Biscuits may become cheaper- India TV Hindi
Bread and Biscuits may become cheaper Image Source : FILE

महंगाई की मार से आजिज आ चुकी आम जनता को जल्द ही राहत मिल सकती है। सरकार ने ब्रेड, बिस्कुट से लेकर आटा की कीमत को घटाने के लिए अपने गोदामों में जमा गेहूं को खुले बाजार में बेचा है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने ई-नीलामी के पांचवें दौर में आटा मिलों सहित अन्य थोक उपभोक्ताओं को 5.39 लाख टन गेहूं बेचा। इस कदम से खुले बाजार में भी गेहूं की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं इन थोक ग्राहकों में कई आटा मिलों से लेकर कंफेश्नरी इकाइयां शामिल हैं, ऐसे में इनकी कीमतों में असर देखने को मिल सकता है। 

खाद्य मंत्रालय के अनुसार, गेहूं और गेहूं आटे की खुदरा कीमतों को कम करने के कदमों के तहत पिछले चार दौरों में लगभग 23.47 लाख टन गेहूं खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत थोक उपयोगकर्ताओं को बेचा गया था। अगली साप्ताहिक ई-नीलामी 15 मार्च को होगी। ई-नीलामी का पांचवां दौर नौ मार्च को आयोजित किया गया था और एफसीआई के 23 क्षेत्रों में स्थित 657 डिपो से लगभग 11.88 लाख टन गेहूं बिक्री के लिए रखा गया था। 

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘1,248 बोलीदाताओं को करीब 5.39 लाख टन गेहूं बेचा गया है।’’ औसत आरक्षित मूल्य 2,140.29 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले भारित औसत बिक्री मूल्य 2,197.91 रुपये प्रति क्विंटल था। बयान में कहा गया है कि बोली की अधिकतम संख्या 100 से 499 टन तक की मात्रा के लिए थी, इसके बाद 500-999 टन और 50-100 टन के लिए लगाई गई थी। मंत्रालय के अनुसार, नीलामी के दौरान कुल कीमत बताती है कि बाजार नरम हो चला है और कीमतें औसतन 2,200 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे चल रही हैं। 

नीलामी के चार दौर में बिके करीब 23.47 लाख टन गेहूं में से 19.51 लाख टन का उठाव खरीदारों ने कर लिया है। पहली नीलामी के बाद, ओएमएसएस के तहत गेहूं की संचयी बिक्री 45 लाख टन के कुल आवंटन के मुकाबले 28.86 लाख टन तक पहुंच गई। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस तरह की बिक्री ने पूरे देश में गेहूं और गेहूं आटा कीमत को कम करने में महत्वपूर्ण असर डाला है, जिसके ओएमएसएस के तहत गेहूं की खुली बिक्री के लिए भविष्य की निविदाओं के साथ स्थिर बने रहने की उम्मीद है।’’ 

सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं खरीद का समय शुरू होने के कारण 31 मार्च तक गेहूं का उठाव कार्य पूरा करने की अनुमति दे दी है। ओएमएसएस के तहत बिक्री के लिए कुल 50 लाख टन गेहूं आवंटित किया गया है। गेहूं की आवंटित मात्रा में से एफसीआई को साप्ताहिक ई-नीलामी के माध्यम से 15 मार्च तक थोक उपयोगकर्ताओं को कुल 45 लाख टन गेहूं बेचने के लिए अधिकृत किया गया है। 

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