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भारत सरकार ने ट्विटर के ब्लू टिक वाले यूजर्स से पैसे वसूलने वाली खबरों पर कही बड़ी बात, कंपनी को पड़ेगा भारी!

 Edited By: India TV Business Desk
 Published : Oct 31, 2022 05:19 pm IST,  Updated : Oct 31, 2022 05:19 pm IST

Blue Tick Users of Twitter: मंत्री ने ट्विटर को लेकर उड़ाए जा रहे अफवाहो को लेकर कहा कि वह अनुमान के आधार पर इसपर हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। बता दें, शुल्क वसूले जाने को लेकर अब तक कंपनी के तरफ से कोई बयान नहीं आया है। ये खबर एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से चलाई जा रही है।

भारत सरकार ने ट्विटर के ब्लू टिक वाले मामले पर बोला- India TV Hindi
भारत सरकार ने ट्विटर के ब्लू टिक वाले मामले पर बोला Image Source : AP

Blue Tick Users of Twitter: ट्विटर द्वारा सत्यापन के बाद जारी किए जाने वाले बैज ‘ब्लू टिक’ के लिए प्रति माह 20 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लेने की खबरों पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कहा कि माइक्रोब्लॉगिंग मंच ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उन्होंने कहा कि इसपर कोई भी टिप्पणी ट्विटर से वास्तविक स्थिति जानने के बाद ही की जा सकती है। 

मंत्री ने जारी किया बयान

मंत्री ने ट्विटर को लेकर उड़ाए जा रहे अफवाहो को लेकर कहा कि वह अनुमान के आधार पर इसपर हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। बता दें, शुल्क वसूले जाने को लेकर अब तक कंपनी के तरफ से कोई बयान नहीं आया है। ये खबर एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से चलाई जा रही है।

ब्लू टिक लेने के लिए देने होंगे पैसे?

एक मीडिया रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि ट्विटर यूजर्स की पहचान की पुष्टि करने वाले ब्लू टिक के लिए शुल्क लेने के बारे में सोच रहा है। अगर इसकी मंजूरी मिल जाती है, तो यूजर्स को प्रति माह 4.99 डॉलर का भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि, आगे ब्लू टिक नहीं मिलेगा ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

हाल ही में मस्क ने ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर में खरीदा

उन्होंने 4 अप्रैल को 44 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण के लिए मस्क ने घोषणा की कि कंपनी में उनकी 9.2 प्रतिशत हिस्सेदारी है बाकि का वो खरीदने जा रहे हैं, जिससे वे सबसे बड़े शेयरधारक बन जा सकें। हालांकि, मई के मध्य तक मस्क ने खरीद के बारे में अपना विचार बदल दिया, इस चिंता का हवाला देते हुए कि माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर फेक अकाउंट्स की संख्या ट्विटर के दावे से अधिक थी। इसके बाद उन्होंने घोषणा की कि वह अब 44 अरब डॉलर के सौदे के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहते हैं। ट्विटर ने तर्क दिया कि अरबपति कानूनी रूप से कंपनी को खरीदने के लिए प्रतिबद्ध था और उसने मुकदमा दायर किया। बता दें, ट्विटर समूह ने उन्हें 27 अक्टूबर तक डील पूरी करने या फिर कानूनी कार्रवाई झेलने की डेडलाइन दी थी।

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