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सरकार की खरी-खरी! इन वस्तुओं पर लागू रहेगी 28% की उच्चतम GST दर, घट सकते है स्लैब

 Written By: Indiatv Paisa Desk
 Published : Jul 04, 2022 05:04 pm IST,  Updated : Jul 04, 2022 05:04 pm IST

सरकर कर की तीन अन्य श्रेणियों को दो श्रेणियों में बदलने पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

GST- India TV Hindi
GST Image Source : INDIA TV

Highlights

  • विलासिता वाले उत्पादों पर 28% की जीएसटी दर कायम रहेगी
  • कर की तीन अन्य श्रेणियों को दो श्रेणियों में बदलने पर चर्चा करने के लिए तैयार
  • धन पर लगने वाला कर केंद्र एवं राज्य सरकारों के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा

आज कल जीएसटी को लेकर काफी हल्ला है। हाल ही में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में शामिल किया गया तो कई वस्तुओं के स्लैब बदले। लेकिन घुड़दौड़ और कसीनो अभी भी 28 फीसदी के दायरे में आने से बच गए। इस बीच राजस्व सचिव तरुण बजाज ने साफ करते हुए कहा कि सरकार की विलासिता वाले उत्पादों पर 28 प्रतिशत की जीएसटी दर को ही कायम रखने की मंशा है। 

28% GST
Image Source : INDIA TV28% GST

घटेंगे टैक्स स्लैब

बजाज ने साफ किया कि 28 प्रतिशत की दर तो कायम रहेगी, लेकिन उन्होंने जीएसटी की बाकी स्लैब को घटाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि सरकर कर की तीन अन्य श्रेणियों को दो श्रेणियों में बदलने पर चर्चा करने के लिए तैयार है। बजाज ने यहां उद्योग मंडल एसोचैम के एक कार्यक्रम में कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को युक्तिसंगत बनाने की जीएसटी परिषद की कवायद कर प्रणाली के पांच साल बाद आत्मावलोकन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि नीति-निर्माताओं को कर दरें 15.5 प्रतिशत के राजस्व-तटस्थ स्तर तक ले जाने की कोई उत्कंठा नहीं है। 

पेट्रोल डीजल आएगा जीएसटी में

पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग पर उन्होंने कहा कि ईंधन पर लगने वाला कर केंद्र एवं राज्य सरकारों के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा होता है लिहाजा इसे लेकर कुछ आशंकाएं भी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसके लिए कुछ वक्त इंतजार करना होगा।’’ बजाज ने कहा, ‘‘जहां तक जीएसटी के कर ढांचे का सवाल है तो पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दरों में से हमें 28 प्रतिशत की दर बरकरार रखनी होगी। एक विकासशील एवं आय असमानता वाली अर्थव्यवस्था में कुछ ऐसे लग्जरी उत्पाद होते हैं जिन पर ऊंची कर दर लगाए जाने की जरूरत है।’’ 

क्या सिर्फ 1 होगी टैक्स की दर?

बजाज ने कहा कि ‘‘हालांकि अन्य तीन कर दरों को हम दो दरों में समायोजित कर सकते हैं। इस तरह हम यह देख सकते हैं कि देश किस तरह आगे बढ़ता है और क्या इन दरों को कम कर सिर्फ एक दर पर लाया जा सकता है या नहीं। यह एक बहुत बड़ी चुनौती है।’’ 

GST Collection
Image Source : INDIA TVGST Collection

ऐसे होता है जीएसटी में शामिल वस्तुओं का बंटवारा

जीएसटी प्रणाली के तहत कर की चार दरें हैं। इनमें जरूरत वाली चीजों पर पांच प्रतिशत की निम्नतम दर से कर लगता है। वहीं विलासिता वाली वस्तुओं पर अधिकतम 28 फीसदी की दर से कर लगता है। इस कर की दो अन्य दरें 12 एवं 18 प्रतिशत हैं। इसके अलावा सोना, आभूषण एवं रत्नों के लिए तीन प्रतिशत की एक विशेष दर रखी गई है जबकि तराशे हुए हीरों पर 1.5 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। 

GST Rates
Image Source : INDIA TVGST Rates

दरों में बदलाव की तैयारी 

जीएसटी परिषद ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में एक मंत्री समूह बनाया है जो कर दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गौर कर रहा है। मंत्री समूह को अंतिम रिपोर्ट देने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। राजस्व सचिव ने कहा कि जीएसटी प्रणाली के लागू होने के पांच साल बाद अब समीक्षा का समय है ताकि यह देखा जा सके कि जीएसटी दर ढांचा किस तरह विकसित हुआ है। इस दौरान इसपर भी गौर किया जाना चाहिए कि दरों की संख्या में कटौती करने की जरूरत है या नहीं। इसके अलावा किन उत्पादों पर अधिक कर लगाया जाना चाहिए और किन उत्पादों को निचले स्लैब में रखना चाहिए। 

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