देश की सबसे बड़ी और सरकारी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी अब हेल्थ इंश्योरेंस के कारोबार में भी दस्तक देने की तैयारी कर रही है। यानी आने वाले दिनों में एलआईसी से भी हेल्थ इंश्योरेंस यानी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीद सकेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने यह जानकारी दी है। खबर में कहा गया है कि यह कदम इस क्षेत्र में समग्र बीमा कंपनियों को अनुमति देने के प्रस्ताव के बीच उठाया गया है।
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नई सरकार दे सकती है लाइसेंस
खबर के मुताबिक, एलआईसी के अध्यक्ष सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि जो भी नई सरकार आएगी, वह समग्र लाइसेंस की अनुमति दे सकती है। उन्होंने कहा कि हमने कुछ आंतरिक जमीनी कार्य भी किए हैं। हालांकि हमारे पास सामान्य बीमा में विशेषज्ञता की कमी है, हम स्वास्थ्य बीमा में रुचि रखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2024 में, एक संसदीय समिति ने बीमा कंपनियों के लिए खर्च और नियामकीय बोझ को कम करने के लिए समग्र बीमा लाइसेंस पर अमल करने की सिफारिश की थी।
बीमा अधिनियम में संशोधन की जरूरत पड़ेगी
मौजूदा समय में, जीवन बीमा कंपनियों को एक्सटेंडेड स्वास्थ्य बीमा लाभ प्रदान करने तक ही सीमित रखा गया है। जीवन बीमा कंपनियों को अस्पताल में भर्ती होने और क्षतिपूर्ति कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाने के लिए बीमा अधिनियम में संशोधन की जरूरत पड़ेगी। माना जा रहा है कि एलआईसी के स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में दस्तक देने से कवरेज में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
भारत में इंश्योरेंस मार्केट
भारत का इंश्योरेंस मार्केट अभी भी उतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ा है जितनी बढ़नी चाहिए। इसका अंदाजा ऐसा लगा सकते हैं कि साल 2022-23 के आखिर तक 2.3 करोड़ से भी कम स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां जारी की गई हैं, जो करीब 55 करोड़ व्यक्तियों को कवर करती हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, सरकार की तरफ से प्रायोजित पहलों ने लगभग 30 करोड़ लोगों को कवर किया, जबकि ग्रुप इंश्योरेंस में लगभग 20 करोड़ लोग शामिल थे। सरकार और नियामक दोनों ही स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के जारी होने की वकालत कर रहे हैं। बीमा नियामक आईआरडीएआई के मुताबिक, जीवन बीमा कंपनियों ने वित्त वर्ष 2023 के दौरान 2.9 लाख से भी कम नई पॉलिसी जारी कीं।