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सेरेलैक में चीनी विवाद पर Nestle की सफाई, कहा-5 साल में 30% शुगर कम की, जानिए क्या थी IBFAN की रिपोर्ट

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Apr 18, 2024 10:52 pm IST,  Updated : Apr 18, 2024 10:52 pm IST

इस उत्पाद में सबसे अधिक चीनी थाईलैंड में छह ग्राम पाई गई। फिलीपीन में आठ नमूनों में से पांच में चीनी की मात्रा 7.3 ग्राम पाई गई और इसकी जानकारी पैकेजिंग पर भी घोषित नहीं की गई थी।

नेस्ले के सेरेलैक में...- India TV Hindi
नेस्ले के सेरेलैक में चीनी Image Source : REUTERS

नेस्ले इंडिया ने दावा किया है कि उसने पिछले 5 वर्षों में भारत में बेबी फूड प्रोडक्ट्स में चीनी में 30 फीसदी से अधिक की कमी की है। नेस्कैफे, सेरेलैक और मैगी जैसे उत्पाद बनाने वाली कंपनी ने उन खबरों के बीच यह स्पष्टीकरण दिया जिसमें दावा किया गया था कि वह कम विकसित देशों में अधिक चीनी वाले उत्पाद बेच रही है। स्विस एनजीओ पब्लिक आई और इंटरनेशनल बेबी फूड एक्शन नेटवर्क (IBFAN) के निष्कर्षों के अनुसार, नेस्ले ने यूरोप के अपने बाजारों की तुलना में भारत सहित कम विकसित दक्षिण एशियाई देशों, अफ्रीकी तथा लैटिन अमेरिकी देशों में अधिक चीनी वाले बेबी प्रोडक्ट्स बेचे।

कंपनी ने कहा- चीनी में कमी करना हमारी प्राथमिकता

इस बारे में पूछे जाने पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चीनी में कमी करना नेस्ले इंडिया की प्राथमिकता है। पिछले पांच वर्षों में हमने उत्पाद के आधार पर चीनी में 30 फीसदी तक की कमी की है।’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम नियमित रूप से अपने उत्पादों की समीक्षा करते रहते हैं और पोषण, गुणवत्ता, सुरक्षा तथा स्वाद से समझौता किए बिना चीनी के स्तर को कम करने के लिए अपने उत्पादों में सुधार करते रहते हैं।’’ नेस्ले इंडिया ने दावा किया कि उसके ‘‘शिशु अनाज उत्पादों का निर्माण बच्चों की प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज, लौह आदि जैसी पोषण संबंधी आवश्यकता सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।’’

सेरेलैक में पायी गई थी ज्यादा चीनी

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम अपने उत्पादों की पोषण गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करते हैं और न ही करेंगे। हम अपने उत्पादों के पोषण को बढ़ाने के लिए अपने व्यापक वैश्विक अनुसंधान व विकास नेटवर्क की लगातार मदद लेते हैं।’’ आईबीएफएएन की रिपोर्ट में विभिन्न देशों में बेचे जाने वाले करीब 150 विभिन्न शिशु उत्पादों का अध्ययन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, छह महीने के बच्चों के लिए नेस्ले का गेहूं आधारित उत्पाद ‘सेरेलैक’ ब्रिटेन तथा जर्मनी में बिना किसी अतिरिक्त चीनी के बेचा जाता है, लेकिन भारत से विश्लेषण किए गए 15 सेरेलैक उत्पादों एक बार के खाने में औसतन 2.7 ग्राम चीनी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में पैकेजिंग पर चीनी की मात्रा बताई गई थी।

थाईलैंड के प्रोडक्ट में सबसे ज्यााद चीनी

उत्पाद में सबसे अधिक चीनी थाईलैंड में छह ग्राम पाई गई। फिलीपीन में आठ नमूनों में से पांच में चीनी की मात्रा 7.3 ग्राम पाई गई और इसकी जानकारी पैकेजिंग पर भी घोषित नहीं की गई थी। नेस्ले इंडिया ने कहा, 'वह अपने उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम पोषण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो हम 100 वर्षों से अधिक समय से कर रहे हैं। हम अपने उत्पादों में पोषण, गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने को प्रतिबद्ध हैं।’’

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