1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Pakistan Crisis: पाकिस्तान में लगेगा वित्तीय आपातकाल? रुपये में महागिरावट के बाद वित्तमंत्री ने कही ये बड़ी बात

Pakistan Crisis: पाकिस्तान में लगेगा वित्तीय आपातकाल? रुपये में महागिरावट के बाद वित्तमंत्री ने कही ये बड़ी बात

 Written By: Sachin Chaturvedi
 Published : Jun 07, 2022 08:13 pm IST,  Updated : Jun 07, 2022 10:10 pm IST

डॉलर के मुकाबले रुपया तेजी से गिरकर 204 रुपये के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। देश की ज्यादातर विदेशी मुद्रा कच्चा तेल खरीदने में खर्च हो रही है।

Pakistan Economy- India TV Hindi
Pakistan Economy Image Source : FILE

Highlights

  • रुपया तेजी से गिरकर 204 रुपये के सर्वकालिक निचले स्तर पर
  • पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 40 से 51 प्रतिशत की वृद्धि
  • IMF ने करीब 6 अरब डॉलर की सहायता को फिलहाल टाला

पाकिस्तान के आर्थिक हालात और भी जर्जर होते जा रहे हैं। हर ओर यही सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान में वित्तीय आपातकाल लागू होने वाला है? इसके कई वैध कारण भी हैं। पाकिस्तानी रुपया हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है, आम जनता अभूतपूर्व महंगाई की मार झेल रही है। वहीं विदेशी संस्थाएं अब पाकिस्तान को और भी कर्ज देने से तौबा कर रही हैं। 

देश के आर्थिक पहिये को लगातार दौड़ते रहने के लिए पेट्रोल डीजल की जरूरत है, जिसे खरीदने के चक्कर में पाकिस्तान का डॉलर का खजाना खाली हो रहा है। हालांकि वित्तीय आंकड़ों के एकदम उलट पाकिस्तान की शरीफ सरकार फिलहाल वित्तीय आपातकाल की संभावना से इंकार कर रही है। 

Pakistan 
Image Source : INDIATVPakistan 

पेट्रोल महंगा कर टाला खतरा: वित्त मंत्री

पाकिस्तान में एक हफ्ते के अंदर दो बार पेट्रोल की कीमतें बढ़ चुकी हैं। इससे आम आदमी की कमर भले ही टूट गई हो लेकिन वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल इस पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। मिफ्ताह के मुताबिक पेट्रोलियम की कीमतों में दो बार तेजी से बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान वित्तीय संकट से बाहर आ गया है और इसलिए आर्थिक आपातकाल घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है।

पाकिस्तान को 12 महीने में चाहिए 41 अरब डॉलर 

पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन न्यूज के मुताबिक वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा कि देश को अगले 12 महीनों में 41 अरब डॉलर की जरूरत है। इसके पीछे उनका तर्क था कि पाकिस्तान को अपनी 3 महीने की जरूरत के बराबर का रिजर्व की जरूरत है। ऐसे में हमें अगले 12 महीनों में 41 अरब डॉलर की जरूरत है और मुझे लगता है कि यह होगा। हालांकि यह कैसे होगा, पत्रकारों के इस पर वित्त मंत्री ने कोई सफाई नहीं दी। 

51 प्रतिशत तक महंगा हुआ पेट्रोल डीजल 

पाकिस्तान में पेट्रोल डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है। सरकार ने 26 मई से विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 40 से 51 प्रतिशत की वृद्धि कर चुकी है। दो बार में 60 रुपये की वृद्धि के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम 200 रुपये के पार पहुंच चुके हैं। 

और भी गर्त में लुढ़का रुपया

पाकिस्तानी रुपया पहले ही डबल सेंचुरी मार चुका है। लेकिन इसके बावजूद रुपये के रनरेट में कोई गिरावट नहीं आई है। मंगलवार की सुबह अंतरबैंक व्यापार में डॉलर के मुकाबले रुपया तेजी से गिरकर 204 रुपये के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। फॉरेक्स एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, पाकिस्तानी रुपया पिछले दिन की कीमत 200.40 रुपये के मुकाबले 204 रुपये तक गिर गया। पाकिस्तानी रुपये में गिरावट का प्रमुख कारण तेल आयात का बढ़ता बोझ है, जो तेजी से सरकारी खजाना खाली कर रहा है। 

IMF और चीन ने छोड़ा साथ 

विदेशी सहायता पर पूरी तरह से निर्भर पाकिस्तान को आईएमएफ और चीन दोनों ही ओर से बड़ा धक्का लगा है। IMF ने पाकिस्तान को दी जाने वाली करीब 6 अरब डॉलर की सहायता को फिलहाल टाल दिया है। वहीं चीन के 2.3 बिलियन डॉलर के फाइनेंस में भी रोड़े अटकने के कारण रुपये को एक नए निचले स्तर पर धकेल दिया है।

FATF में ब्लैकलिस्ट होने का खतरा

पाकिस्तान के लिए मुसीबतों के कम होने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही हैं। अगले हफ्ते ही आईएमएफ के फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की बैठक होने जा रही है। पहले से ही गर्त मेें जा चुकी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए एफएटीएफ का फैसला ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकती है। पाकिस्तान यदि मौजूदा ग्रे लिस्ट से ब्लैक लिस्ट में जाता है, तो रही सही वित्तीय मदद भी हाथ से जाती रहेगी। 

पिस रही है पाकिस्तानी जनता 

पाकिस्तान की जनता को आर्थिक आंकड़ा से फिलहाल अधिक लेना देना नहीं है, उसकी असल चिंता उसकी जेब है, जो दिनों दिन खाली होती जा रही है। पाकिस्तान की जनता भयंकर महंगाई झेल रही है। यहां पेट्रोल के दाम 6 दिनों में 60 रुपये बढ़ गए हैं। खाने पीने की चीजों की भयंकर किल्लत है। मोबाइल से लेकर कार और अन्य चीजों के आयात पर पाबंदी है। ऐसे में घरेलू मार्केट में इनके दाम भी बढ़ रहे हैं। मौजूदा स्थिति देखकर लग नहीं रहा कि पाकिस्तान की स्थिति में तुरंत कोई सुधार आ सकता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा