1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Alert! 490 रुपये दो और खरीद लो किसी भी व्यक्ति का पर्सनल डेटा, लाखों भारतीय आए इसके चपेट में

Alert! 490 रुपये दो और खरीद लो किसी भी व्यक्ति का पर्सनल डेटा, लाखों भारतीय आए इसके चपेट में

 Published : Dec 09, 2022 06:41 am IST,  Updated : Dec 09, 2022 06:48 am IST

Personal Data: अब आपका निजी डेटा पर्सनल नहीं रहा गया है। उसे मार्केट में खुलेआम 490 रुपये के भाव पर बेचा जा रहा है। यह वाकई चौंकाने वाला है। आइए पूरी खबर जानते हैं।

Alert! 490 रुपये में खरीद लो किसी भी व्यक्ति का डेटा- India TV Hindi
Alert! 490 रुपये में खरीद लो किसी भी व्यक्ति का डेटा Image Source : FILE

Personal Data: कई बार आपने यह महसूस किया होगा कि जब आप अपने मोबाइल के सामने किसी प्रोडक्ट के बारे में बातचीत करते हैं या उसके बारे में ब्राउजिंग करते हैं तो उसके थोड़ी ही देर बाद आपको फीड में उससे संबंधित चीजें दिखाई देने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके मोबाइल में इंस्टॉल ऐप कंपनियां आपके पर्सनल डेटा पर नजर बनाए हुए होती हैं। अब वही इसे मार्केट में 490 रुपये में बेच रही हैं।

6 लाख भारतीयों का डेटा चोरी

बॉट बाजार के फलने-फूलने के साथ ही कम से कम 6 लाख भारतीयों का डेटा चोरी हो गया है। एक भारतीय की डिजिटल पहचान की औसत कीमत लगभग 490 रुपये है। इसका खुलासा गुरुवार को साइबर सिक्योरिटी के शोधकर्ताओं ने किया है। साइबर सुरक्षा कंपनी नॉर्डवीपीएन के शोध के अनुसार, बॉट्स बाजारों के सभी डेटा का 12 प्रतिशत भारतीय डेटा था।

आपके डिजिटल पहचान पर खतरा

बॉट मार्केट ऑनलाइन मार्केटप्लेस हैं, जिनका उपयोग हैकर्स डेटा बेचने के लिए करते हैं, जो वे अपने पीड़ितों के उपकरणों से बॉट मालवेयर के साथ चुराते हैं। डेटा पैकेट में बेचा जाता है, जिसमें लॉगिन, कुकीज, डिजिटल फिंगरप्रिंट, स्क्रीनशॉट और अन्य जानकारी शामिल होती है, जो एक समझौता किए गए व्यक्ति की पूर्ण डिजिटल पहचान होती है।

50 लाख लोग पहले से हैं प्रभावित

इस बढ़ते खतरे ने वैश्विक स्तर पर 50 लाख लोगों को पहले ही प्रभावित कर दिया है, जिसमें हैकर्स वेबकैम स्नैप, स्क्रीनशॉट, अप-टू-डेट लॉगिन, कुकीज और डिजिटल फिंगरप्रिंट बेच रहे हैं। शोधकर्त्ताओं ने कहा, "कम से कम 50 लाख लोगों की ऑनलाइन पहचान चोरी हो गई है और औसतन 490 रुपये में बॉट बाजारों में बेची गई है। सभी प्रभावित लोगों में से 600,000 भारत से हैं। इंडिया पूरी दुनिया में इस खतरे से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला देश बन गया है।"

रिसर्च से मालूम होता है कि 26.6 मिलियन चोरी किए गए लॉगिन हैं। इनमें 7,20,000 गूगल लॉगिन, 6,54,000 माइक्रोसॉफ्ट लॉगिन और 6,47,000 फेसबुक लॉगिन है। इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने 667 मिलियन कुकीज, 81 हजार डिजिटल फिंगरप्रिंट, 538 हजार ऑटो-फिल फॉर्म, कई डिवाइस स्क्रीनशॉट और वेबकैम स्नैप के बारे में भी पता लगाया है।

ये हैं सबसे अधिक डेटा चुराने वाले मैलवेयर

डेटा चुराने वाले सबसे लोकप्रिय प्रकार के मैलवेयर में रेडलाइन, विडार, रैकून, टॉरस और एजोरॉल्ट शामिल है। रेडलाइन उनमें से सबसे अधिक प्रचलित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2ईजी मार्केटप्लेस को 2018 में लॉन्च किया गया था। पहले इसे अन्य बाजारों की तुलना में छोटा माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है और 2ईजी 269 देशों से 600,000 से अधिक चोरी किए गए डेटा लॉग बेच रहा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा