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PM Modi govt 8 years: GST ने 'एक देश, एक टैक्स' का सपना किया पूरा, कारोबारी सुगमता बेहतर होने से निवेशकों का बढ़ा भरोसा

 Written By: Alok Kumar
 Published : May 28, 2022 12:52 pm IST,  Updated : May 28, 2022 12:52 pm IST

इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। वह अब भारत में निवेश करने से नहीं हिचक रहे हैं।

GST- India TV Hindi
GST Image Source : INDIA TV

PM Modi govt 8 years: मोदी सरकार अपने आठ साल के सफर में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय फलक पर देश की तस्वीर को उज्जवल बनाने का काम किया है। उन्हीं फैसले में से एक है, लंबे समय से अटके माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करना। मोदी सरकार ने तमाम विरोध और आलोचना के बाद इनडायरेक्ट टैक्स की दिशा में इस बड़े सुधार को लागू कर न सिर्फ अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से रूबरू कराया बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारतीय रैकिंग में सुधार कर देश की तस्वीर बदल दी है। आज भारत विदेशी निवेशकों के बीच पसंदीदा स्थान बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव जीएसटी लेकर आया है। इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। वह अब भारत में निवेश करने से नहीं हिचक रहे हैं। इसलिए भारत में एफडीआई के जरिये निवेशक कई गुना बढ़ गया है। 

जीएसटी आने से ये सारे फायदे मिले 

जीएसटी आने के बाद सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि देश में टैक्स फाइल करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। इससे टैक्स कलेक्शन का बेस बढ़ा है। वहीं, कारोबारियों के लिए जीएसटी आने के बाद सभी राज्यों में गुड्स और सर्विसेज पर टैक्स की दरें एक समान हो गई हैं इससे व्यापारियों को सामान अलग-अलग राज्यों से खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है और उनके पैसे की भी बचत होती है। जीएसटी आने से एक और फायदा यह मिला है कि टैक्स चोरी में कमी आई है। कारोबारियों को सामान को लाने-ले जाने में आसानी हुई है। पूरे देश में एक टैक्स व्यवस्था आने से राज्यों के बॉर्डर पर लगने वाले सामान के ट्रकों की लंबी लाइनों से छुटकारा मिल गया है। आम आदमी की बात करें तो कई सामान जीएसटी आने के बाद सस्ते हुए हैं। हालांकि, कई पर बोझ भी बढ़ा है। 

छप्परफाड़ टैक्स कलेक्शन कह रही सफलता की कहानी

जीएसटी कलेक्शन अप्रैल महीने में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1.68 लाख करोड़ पहुंच गया था। मार्च में यह 1.42 लाख करोड़ रुपये रहा था। लगातार बढ़ता टैक्स कलेक्शन इस बात की गवाही दे रहा है कि इस टैक्स सिस्टम को लेकर अब स्वीकार्यता बढ़ी है। वहीं, टैक्स चोरी घटी है। हालांकि, अभी भी कई ऐसे क्लॉज है जो इस टैक्स सिस्टम पर सवाल खड़े करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र सरकार को इस पर काम करने की जरूरत है। जीएसटी से छोटे कारोबारी को जिस राहत की उम्मीद की गई थी वह अभी तक नहीं मिली है। ऐसे में नए बदलाव इस टैक्स सिस्टम को और बेहतर बनाने का काम करेंगे।  

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