प्रॉपर्टी खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन इसके साथ ही कई प्रकार की जिम्मेदारियां आती हैं। प्रॉपर्टी पर आपको छह महीने या वार्षिक आधार पर टैक्स का भुगतान करना होता है, जिसे प्रॉपर्टी टैक्स कहा जाता है। अगर आप समय पर इस टैक्स को नहीं चुकाते हैं तो मुश्किल में फंस सकते हैं।
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बता दें, प्रॉपर्टी टैक्स केवल प्रॉपर्टी का नहीं होता है। इसमें सीवरेज टैक्स, स्ट्रीट टैक्स और प्रॉपर्टी से जुड़े कई अन्य टैक्स को इसमें शामिल किया जाता है। प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान संपत्ति के मालिक की ओर से किया जाता है। इसका भुगतान नगर निकाय को किया जाता है।
प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने पर हो सकता है मुकदमा?
प्रॉपर्टी टैक्स एक प्रकार की देनदारी होता है और हर व्यक्ति को इसे अदा करना होता है। अगर कोई प्रॉपर्टी टैक्स अदा नहीं करता है तो उसके नगर निकाय उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर सकता है।
अगर कोई व्यक्ति समय पर प्रॉपर्टी टैक्स अदा नहीं करता है तो निकाय की ओर से उसके बकाया पर ब्याज और जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा उसके खिलाफ वारंट भी जारी हो सकता है। वहीं, निकाय टैक्स न देने वाले व्यक्ति को डिफॉल्ट घोषित कर संपत्ति भी कुर्क कर सकता है।
प्रॉपर्टी बेचने में हो सकती है मुश्किल
कई किसी व्यक्ति को नगर निकाय डिफॉल्ट घोषित कर देती है तो उसकी प्रॉपर्टी को कुर्क भी किया जा सकता है। ऐसे में प्रॉपर्टी बेचने में मुश्किल हो सकती है। इसके उस व्यक्ति के खिलाफ निकाय के पास मुकदमा करने का भी विकल्प होता है। इससे टैक्स न भरने वाला व्यक्ति मुकदमेबाजी में फंस सकता है।
बता दें, अगर प्रॉपर्टी को किराए पर भी दे रखा है तो भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना होता है। अगर मकान मालिक टैक्स नहीं जमा करता है तो ये किराएदार को करना होगा।