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2000 रुपये के नोट वापसी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ, इस कारण GDP ग्रोथ रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ेगी

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jun 19, 2023 06:23 pm IST,  Updated : Jun 19, 2023 06:23 pm IST

करीब 92,000 करोड़ रुपये बचत खातों में जमा किए जाएंगे जिसका 60 प्रतिशत यानी करीब 55,000 करोड़ रुपये निकासी के बाद लोगों के पास खर्च के लिए पहुंच जाएंगे।

Rs 2000- India TV Hindi
2000 रुपये Image Source : PTI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 2000 रुपये के नोट वापसी का फैसला, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अर्थशास्त्रियों ने एक रिपोर्ट में कहा है कि 2000 रुपये से बाजार में मांग बढ़ी है। लोग सोना/आभूषण, टिकाऊ सामान जैसे एसी, मोबाइल फोन आदि की जमकर खरीदारी कर रहें हैं। वहीं बहुत सारे रियल एस्टेट में भी पैसा लगा रहें है। इससे बाजार में मांग बढ़ी है। इसके चलते वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 8.1 प्रतिशत हो जाएगी और समूचे वित्त वर्ष के लिए 6.5 प्रतिशत वृद्धि का आरबीआई का अनुमान भी पीछे छूट सकता है। 

पहली तिमाही में वृद्धि दर 8.1% रहने की उम्मीद

एसबीआई की रिपोर्ट कहती है, ‘‘हम 2000 रुपये के नोट वापस लेने के प्रभावों की वजह से अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद करते हैं। यह हमारे उस अनुमान की पुष्टि करता है कि वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी वृद्धि आरबीआई के अनुमान 6.5 प्रतिशत से अधिक रह सकती है।’’ आरबीआई ने जून महीने की शुरुआत में कहा था कि 2,000 रुपये मूल्य वर्ग के आधे से अधिक नोट वापस आ चुके हैं। इनमें से 85 प्रतिशत नोट बैंकों में जमा के रूप में आए थे जबकि 15 प्रतिशत नोट बैंक काउंटरों पर अन्य मूल्य के नोट से बदले गए थे। एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2,000 रुपये के नोट के रूप में कुल 3.08 लाख करोड़ रुपये प्रणाली में जमा के रूप में लौटेंगे। 

55,000 करोड़ रुपये बाजार में खर्च होंगे 

इनमें से करीब 92,000 करोड़ रुपये बचत खातों में जमा किए जाएंगे जिसका 60 प्रतिशत यानी करीब 55,000 करोड़ रुपये निकासी के बाद लोगों के पास खर्च के लिए पहुंच जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, खपत में गुणक बढ़ोतरी की वजह से लंबे समय में यह कुल बढ़ोतरी 1.83 लाख करोड़ रुपये तक रह सकती है। एसबीआई के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नोट वापस लेने के आरबीआई के कदम से मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थानों को मिलने वाले दान में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं और बुटीक फर्नीचर की खरीद को भी बढ़ावा मिलेगा। ई-कॉमर्स, फूड और ऑनलाइन ग्रॉसरी सेगमेंट में कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। रिपोर्ट में मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थानों में 2,000 रुपये के नोटों के माध्यम से दान में वृद्धि और खपत टिकाऊ वस्तुओं, बुटीक फर्नीचर इत्यादि जैसी विविध खरीद की उम्मीद है।

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