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GST में छूट वाली सेवाओं की संख्या हो सकती है कम, होटल-हॉस्पिटल समेत कई सर्विस होंगी महंगी

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jul 05, 2022 07:23 pm IST,  Updated : Jul 05, 2022 07:23 pm IST

राजस्व सचिव तरुण बजाज ने मंगलवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत छूट वाले उत्पादों की सूची को कम करने की जरूरत है।

GST- India TV Hindi
GST Image Source : FILE

Highlights

  • सरकार की कोशिश अगले जीएसटी प्रणाली में मौजूद खामियों को दूर करने की है
  • जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के काम में मंत्री समूह लगा हुआ है
  • अब भी कई उत्पादों एवं सेवाओं को जीएसटी से छूट मिली हुई है जिनमें सेवाओं की संख्या ज्यादा

GST को बेहतर बनाने के तरीके पर लगातार काम हो रहा है। इसी कड़ी में आने वाले समय में कई सेवाओं को छूट के दायरे से बाहर किया जा सकता है। उन पर जीएसटी टैक्स स्लैब के हिसाब से कर लगाया जा सकता है। यानी कई सेवाएं भविष्य में महंगी हो जाएंगी। दरअसल, राजस्व सचिव तरुण बजाज ने मंगलवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत छूट वाले उत्पादों की सूची को कम करने की जरूरत है। विशेषरूप से सेवा क्षेत्र के लिए ऐसा करना जरूरी है। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके इस सुझाव पर आने वाले वक्त में अमल किया जा सकता है। 

जीएसटी की खामियों को दूर करने की तैयारी 

बजाज ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की कोशिश अगले दो-तीन वर्षों में जीएसटी प्रणाली में मौजूद खामियों को दूर करने की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के काम में मंत्री समूह लगा हुआ है लेकिन इसके लिए कुछ समय तक इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा, अब भी कई उत्पादों एवं सेवाओं को जीएसटी से छूट मिली हुई है जिनमें सेवाओं की संख्या ज्यादा है। इनको कम करने के लिए काम करने की जरूरत है।’’ अस्पतालों में गैर-आईसीयू कमरों के 5,000 रुपये से अधिक किराये पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने के फैसले को लेकर उठ रहे सवालों पर बजाज ने कहा कि इतना किराया लेने वाले अस्पतालों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने कहा, अगर मैं अस्पताल के कमरे का 5,000 रुपये किराया दे सकता हूं तो मैं जीएसटी के 250 रुपये भी दे सकता हूं।

राजस्व बढ़ाने की तैयारी में सरकार 

उन्होंने कहा कि सकल जीएसटी राजस्व में 28 प्रतिशत कर स्लैब का हिस्सा 16 प्रतिशत है। वहीं सबसे अधिक 65 प्रतिशत राजस्व 18 प्रतिशत के कर स्लैब से आता है। वहीं पांच प्रतिशत और 12 प्रतिशत कर स्लैब का राजस्व में योगदान क्रमशः 10 प्रतिशत और आठ प्रतिशत है। 

कर स्लैब चार से तीन किए जाएं

उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष संजीव बजाज ने मंगलवार को जीएसटी ढांचे को सरल बनाने की वकालत करते हुए कहा कि बिजली के साथ ईंधन को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। इसके साथ ही बजाज ने जीएसटी के कर स्लैब की संख्या को भी चार से घटाकर तीन करने का सुझाव दिया। बजाज ने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को अधिक सरल बनाने के लिए कुछ असंगतियों को दूर करना होगा और बिजली, ईंधन जैसे उत्पादों को भी इस कर के दायरे में लाने की जरूरत है। 

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