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वेदांता लिमिटेड अपने कारोबार को करेगी अलग, 6 नई कंपनियां बनाने पर काम जारी, जानें अनिल अग्रवाल ने और क्या कहा

 Published : Jul 10, 2024 06:35 pm IST,  Updated : Jul 10, 2024 06:35 pm IST

शेयरधारकों के पास फिलहाल वेदांता लिमिटेड के जितने शेयर हैं, उनमें से हर शेयर पर उन्हें नई लिस्टेड कंपनियों का एक-एक शेयर अतिरिक्त रूप से मिलेगा। कंपनी ने भारत में 35 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है और वह विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

वेदांता के राजस्व का 70 प्रतिशत भविष्य के महत्वपूर्ण खनिजों से आता है।- India TV Hindi
वेदांता के राजस्व का 70 प्रतिशत भविष्य के महत्वपूर्ण खनिजों से आता है। Image Source : FILE

देश और दुनिया की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड अपने कारोबार को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की तैयारी में है। कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि कंपनी अपने विभिन्न कारोबार को अलग करने की योजना पर आगे बढ़ रही है। इससे 6 नई कंपनियां बनेंगी और व्यापक मूल्य हासिल किया जा सकेगा। वेदांता को अपने कारोबार को अलग करने की योजना के लिए ज्यादातर कर्जदाताओं से मंजूरी मिल गई है। भाषा की खबर के मुताबिक, यह कंपनी को 6 स्वतंत्र लिस्टेड कंपनियों में बांटने की योजना के लिए एक खास कदम है।

हर यूनिट अपनी योजना खुद बनाएगी

खबर के मुताबिक, अग्रवाल ने वेदांता के शेयरधारकों की 59वीं सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हम अपने कारोबार को अलग करने की योजना पर आगे बढ़ रहे हैं। इससे छह मजबूत कंपनियों का निर्माण होगा जिनमें से प्रत्येक अपने-आप में वेदांता होगी। इससे बड़े पैमाने पर मूल्य हासिल होगा। अग्रवाल ने कहा कि अलग होने वाली हर यूनिट अपनी योजना खुद बनाएगी, लेकिन वेदांता के मूल मूल्यों, इसकी उद्यमशीलता की भावना और वैश्विक नेतृत्व को फॉलो करेगी। अग्रवाल ने कहा कि हम एक अद्भुत बदलाव के मुहाने पर खड़े हैं, लिहाजा हमारा जोश चरम पर है। यह विभाजन हमारे सफर को रफ्तार देगा।

6 कंपनियों के जान लीजिए नाम

वेदांता ने सितंबर, 2023 में धातु, बिजली, एल्युमीनियम और तेल और गैस कारोबार को अलग करने की घोषणा की थी। इस तरह 6 स्वतंत्र कंपनियां- वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता स्टील एंड फेरस मटीरियल्स, वेदांता बेस मेटल्स और वेदांता लिमिटेड बनाई जाएंगी। चेयरमैन ने कहा कि हर यूनिट को पूंजी आवंटन और उनकी वृद्धि रणनीतियों के संबंध में अधिक स्वतंत्रता होगी। इससे निवेशकों को अपनी पसंद के उद्योगों में निवेश करने की स्वतंत्रता होगी जो वेदांता परिसंपत्तियों के लिए समग्र निवेशक आधार बढ़ाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि शेयरधारकों के पास फिलहाल वेदांता लिमिटेड के जितने शेयर हैं, उनमें से हर शेयर पर उन्हें नई लिस्टेड कंपनियों का एक-एक शेयर अतिरिक्त रूप से मिलेगा।

भारत में 35 अरब डॉलर से अधिक का निवेश

वेदांता के राजस्व का 70 प्रतिशत भविष्य के महत्वपूर्ण खनिजों से आता है और कंपनी इन धातुओं और खनिजों का स्थायी रूप से उत्पादन करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने भारत में 35 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है और वह विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चेयरमैन ने कहा कि इस साल हम तेजी से विस्तार की कोशिशों में लगे हुए हैं। हम लांजीगढ़ में अपनी एल्युमिना रिफाइनरी का क्षमता विस्तार, गोवा में बिचोलिम खदान का संचालन, गुजरात में जया तेल क्षेत्र में उत्पादन शुरू करने वाले हैं।

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