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लार्ज एंड मिड कैप स्टॉक्स नहीं रहे म्युचुअल फंड मैनेजरों की पहली पसंद, इन शेयरों में लगा रहे बंपर पैसा

Edited By: Alok Kumar @alocksone Published : Nov 17, 2023 12:14 pm IST, Updated : Nov 17, 2023 12:14 pm IST

टॉप 500 शेयरों के बाजार वॉल्यूम के प्रतिशत के रूप में म्यूचुअल फंड की होल्डिंग अब 2018 के उच्चतम स्तर को पार करने लगी है। कुल मिलाकर, शीर्ष 500 शेयरों से परे बाजार का माकेट कैप तेजी से बढ़ा है।

स्टॉक्स - India TV Paisa
Photo:FILE स्टॉक्स

म्युचुअल फंड मैनेजरों के लिए लार्ज एंड मिड कैप स्टॉक्स पहली पसंद नहीं रहे गए हैं। अब वह निवेशकों को मोटा रिटर्न दिलाने के लिए स्मॉल कैप स्टॉक्स में पैसा लगा रहे हैं। एलारा सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, स्मॉल-कैप फंडों में म्यूचुअल फंड मैनेजरों ने अपना निवेश तेजी से बढ़ाया है। यह रुझान 2004 में शुरू हुआ और 2007 तक जारी रहा था। इसके बाद 2014 से 2018 तक देखा गया। अब एक बार फिर 2020 से लेकर 2023 में अब तक इसमें जबरदस्त तेजी आई है। 

जून 2023 से फिर से बढ़ना शुरू हुआ

म्यूचुअल फंड का पैसा स्मॉल-कैप में जून 2023 से फिर से बढ़ना शुरू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मॉल-कैप फंड प्रबंधकों ने अक्टूबर 2023 में नकदी के स्तर में तेजी से वृद्धि की है। इसका मुख्य कारण यह है कि फ्लो का एक बड़ा हिस्सा तैनात नहीं किया गया है। हालांकि, अगर स्मॉल-कैप इंडेक्स बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखता है, तो हम इसमें और पैसा लगते देख सकते हैं जैसे मई-अगस्त 2023 की अवधि में देखा गया। स्मॉल-कैप फोलियो का विस्तार जारी है, लेकिन अप्रैल 2023 के बाद यह पहली बार है कि वृद्धि दर में कमी आई है।

लार्ज-कैप कंपनियों में अच्छा रिटर्न मिला

अक्टूबर में बिकवाली के बावजूद स्मॉल-कैप योजनाओं ने गिरते बाजार में एक बार फिर लार्ज-कैप योजनाओं से बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि यहां तरलता समर्थन मजबूत बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमने सितंबर में स्मॉल-कैप योजनाओं में एक महीने के लिए खराब प्रदर्शन देखा था, लेकिन यह फिर से उलट गया है। हालांकि, बेहतर प्रदर्शन की गति धीमी हो गई है। स्मॉल-कैप योजनाओं में कुल नकदी अब 15,800 करोड़ रुपये है, जो सितंबर 2023 में 13,000 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मौजूदा स्तरों पर दृढ़ विश्वास की कमी का प्रतिबिंब है। मिड-कैप नकदी का स्तर भी औसतन 5.2 प्रतिशत के साथ इनलाइन बना हुआ है। इस खंड को भी औसत प्रवाह दर और समान स्तर की तैनाती प्राप्त हो रही है।

इनपुट: आईएएनएस

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