इक्विटी स्टेक में अपेक्षित बढ़ोतरी का श्रेय सट्टेबाजी आधारित कारोबार की जगह लॉन्ग टर्म निवेश की ओर बदलाव को दिया जा सकता है।
एसआईपी कभी भी एक जैसा रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
क्वांट स्मॉल कैप फंड, भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की सबसे पुरानी स्कीम्स में से एक है। क्वांट स्मॉल कैप फंड की शुरुआत 1996 में हुई थी।
बीते कुछ सालों में, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले लोगों की संख्या में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है। खास बात ये है कि इनमें छोटे निवेशकों और महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश सितंबर में 9 प्रतिशत घटकर 30,421 करोड़ रुपये रह गया था।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
पिछली दिवाली से लेकर इस दिवाली के दौरान, कुल 522 में से 407 फंड्स ने पॉजिटिव रिटर्न दिया है।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में कभी भी एक समान रिटर्न नहीं मिलता है और ये पूरी तरह से शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
म्यूचुअल फंड में शेयर बाजार का काफी रिस्क है, लेकिन एक बात ये भी सच है कि इसमें शेयर बाजार से ही मोटी कमाई भी होती है।
केनरा रोबेको लार्ज एंड मिड कैप फंड, जिसे पहले केनरा रोबेको इमर्जिंग इक्विटिज फंड के नाम से जाना जाता था, इस फंड ने 10,000 रुपये की एसआईपी को 1.89 करोड़ रुपये के भारी-भरकम फंड में बदल दिया।
यहां हम जिन म्यूचुअल फंड्स के बारे में जानेंगे, उन्होंने 15 अगस्त, 2024 से लेकर 15 अगस्त, 2025 तक एक साल की अवधि में 82 प्रतिशत तक का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है।
भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान काफी अहम है।
एचडीएफसी के फ्लेक्सी कैप फंड ने अपने लॉन्च के बाद से अभी तक करीब 31 साल में 10,000 रुपये की एसआईपी को 21.50 करोड़ रुपये के भारी-भरकम फंड में तब्दील किया है।
पांडेय ने कहा कि एसोसिएशन और उद्योग को कुछ पंजीकृत पोर्टफोलियो प्रबंधकों द्वारा किए जा रहे भ्रामक दावों पर अंकुश लगाना चाहिए।
इन पांच इंडेक्स फंड में निफ्टी 50 इंडेक्स फंड, निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड और निफ्टी 8-13 वर्षीय जी-सेक इंडेक्स फंड शामिल हैं।
भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ऐसे कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जो अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को हरा-भरा बनाए हुए हैं।
निप्पॉन इंडिया एमएनसी फंड निवेशकों को डबल बेनिफिट देगा, क्योंकि यह फंड भारत में ग्लोबल ब्रांड्स और वैश्विक परिचालन वाली भारतीय कंपनियों में निवेश करता है।
म्यूचुअल फंड निवेश पर तगड़ा रिटर्न के लिए सही फंड का चुनाव बहुत जरूरी है। हालांकि, बहुत सारे निवेशक इसी में चूक जाते हैं।
घरेलू म्यूचुअल फंड की कुल नकदी होल्डिंग दिसंबर 2024 में 4.52 प्रतिशत के मुकाबले जनवरी 2025 में बढ़कर 5.62 प्रतिशत हो गई। महीने-दर-महीने आधार पर शुद्ध नकदी होल्डिंग 3.02 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 3.75 लाख करोड़ रुपये हो गई।
एनआरआई अपने एनआरई या एनआरओ खातों के माध्यम से नियमित बैंकिंग चैनलों का उपयोग करके भारत में म्यूचुअल फंड में सीधे निवेश कर सकते हैं।
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