1. Hindi News
  2. टेक
  3. न्यूज़
  4. एलन मस्क के Starlink पर भारत में फिर फंसा पेंच, जानें क्यों लॉन्च में हो रही देरी

एलन मस्क के Starlink पर भारत में फिर फंसा पेंच, जानें क्यों लॉन्च में हो रही देरी

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jun 16, 2026 09:04 pm IST,  Updated : Jun 16, 2026 09:04 pm IST

भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू होने से पहले एक और पेंच फंस गई है। रिपोर्ट्स की मानें तो एलन मस्क की कंपनी को सरकार की तरफ से सेवा शुरू करने की मंजूरी मिलने में और ज्यादा समय लग सकता है।

Starlink, Elon Musk- India TV Hindi
स्टारलिंक पर फंसा पेंच Image Source : STARLINK

एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink का भारत में लंबे समय से इंतजार चल रहा है। पिछले साल सरकार ने स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट सर्विस शुरू करने के लिए शुरुआती क्लियरेंस दे दिया है। हालांकि, स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के बाद ही भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू की जाएगी। इसी बीच ये खबर सामने आ रही है कि स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा में नया पेंच फंस गया है, जिसकी वजह से स्टारलिंक की सर्विस में और ज्यादा देरी हो सकती है।

लेटेस्ट सामने आई रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार को स्टारलिंक की लेजर सैटेलाइट लिंक (LISL) तकनीक पर आपत्ति है। इसकी वजह से सरकार स्टारलिंक को सर्विस शुरू करने की मंजूरी में देरी कर रही है। यह नई तकनीक किस तरह से दिक्कत पैदा कर सकता है आसान भाषा में समझते हैं।

क्या है LISL?

दरअसल, LISL एक ऐसी तकनीक है, जिसमें अंतरिक्ष में ही सैटेलाइट एक-दूसरे को लेजर बीम के जरिए डेटा ट्रांसफर कर सकते हैं, जिसकी वजह से डेटा चोरी का खतरा हो सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह खतरनाक साबित हो सकता है। आम तौर पर सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस में इंटरनेट डेटा को सैटेलाइट से जमीन पर बने बेस स्टेशन पर भेजा जाता है। इसके बाद फिर से सैटेलाइट और बेस स्टेशन के जरिए ही यह एक-जगह से दूसरे जगह ट्रांसफर होता है। इसमें बेस स्टेशन पर डेटा को मॉनिटर किया जा सकता है।

क्यों फंसा पेंच?

नई लेजर बीम वाली इंटर-सैटेलाइट लिंक तकनीक में सैटेलाइट से सैटेलाइट में डेटा अंतरिक्ष में ही शेयर किया जा सकता है। भारत के पड़ोसी देशों जैसे कि नेपाल और बांग्लादेश आदि में स्टारलिंक की सर्विस पहले ही लॉन्च हो चुकी है। ऐसे में भारतीय यूजर द्वारा इंटरनेट एक्सेस किए जाने वाले डेटा की निगरानी करना मुश्किल हो जाएगा। यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

इस आधुनिक तकनीक की वजह से भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट सर्विस को सरकार की तरफ से मंजूरी नहीं मिल रही है। हालांकि, SpaceX इसे लेकर भारतीय अधिकारियों से बातचीत कर रहा है। इसे लेकर स्टारलिंक की पैरेंट कंपनी SpaceX ने अधिकारियों को इसका डेमो भी दिखाया है। अब, देखना ये है कि सरकार के इस शक को स्टारलिंक की पैरेंट कंपनी कैसे दूर करती है? इसका कोई अल्टर्नेटिव तैयार करती है या नहीं? इसके बाद ही भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस भारत में लॉन्च हो सकती है।

यह भी पढ़ें - 5G के जमाने में Tecno ने लॉन्च किया 4G फोन, मिलेगी 6000mAh की बैटरी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tech News से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें टेक