दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की बेटी दुआ की झलक भले ही अब तक एक ही बार देखने को मिली है, लेकिन इसके बाद भी वह इंडस्ट्री की सबसे चर्चित स्टारकिड बन चुकी हैं। दीपिका और रणवीर तो अक्सर ही अपनी बेटी के बारे में बात करते रहते हैं। अब बैडमिंटन खिलाड़ी और दीपिका पादुकोण के पिता प्रकाश पादुकोण ने भी नाना बनने की खुशी के बारे में बात की। उन्होंने अपनी नातिन दुआ के बारे में दिल को छू लेने वाली बातें बताईं और दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की पेरेंटिंग स्टाइल की भी तारीफ की।
नाना बनने के अनुभव पर प्रकाश पादुकोण
नाना बनने के अनुभव के बारे में बात करते हुए, प्रकाश पादुकोण ने माना कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह रिश्ता उनके लिए इतना खास होगा। उन्होंने 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में इस बारे में बात करते हुए कहा कि, "दादा-दादी या नाना-नानी बनना एक बिल्कुल अलग एहसास है। मैंने कभी भी इस तरह के एहसास की उम्मीद नहीं की थी। हम अक्सर सोचते थे कि ग्रैंड पेरेंट्स अपने नाती-नातिन या फिर पोते-पोतियों के लिए इतना परेशान या उत्साहित क्यों होते हैं। और अब जाकर मुझे ये बात समझ आई है।'
दीपिका-रणवीर की पेरेंटिंग स्टाइल पर क्या बोले प्रकाश पादुकोण?
प्रकाश पादुकोण ने अपनी बेटी दीपिका और दामा रणवीर के पेरेंटिंग स्टाइल के बारे में भी बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे दीपिका और रणवीर अपनी बेटी की परवरिश में शामिल रहते हैं। उन्होंने कहा 'बेशक, दीपिका ज्यादा काम करती है, लेकिन जब रणवीर काम नहीं कर रहे होते हैं तो वे भी उसके इर्द-गिर्द होते हैं और बहुत मदद करते हैं। और उन दोनों की मदद के लिए दोनों परिवार भी साथ हैं।'
हर छोटे बदलाव पर ध्यान दे रहे हैं प्रकाश पादुकोण
इसके बाद प्रकाश पादुकोण ने बताया कि कैसे अपने बिजी स्पोर्ट्स करियर के चलते वह अपनी बेटियों दीपिका और अनीशा की परवरिश के दौरान रोजमर्रा के पलों से दूर रह गए। वह जरूरी चीजों में तो होते थे, लेकिन उन छोटे-छोटे पलों से दूर रह गए, जो एक पिता के तौर पर उन्हें महसूस करना था। लेकिन, अब नातिन दुआ के साथ उन्हें ये पल जीने का मौका मिला है, जिसे वह एंजॉय कर रहे हैं। उन्होंने कहा- 'एक पिता के तौर पर, मुझे अपनी बेटियों की परवरिश या उसमें ज्यादा शामिल रहने की बातें उतनी याद नहीं हैं, क्योंकि मैं शायद ही कभी घर पर होता था। मुझे उनसे जुड़ी जरूरी बातें तो याद हैं, लेकिन रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातें छूट गईं। मगर अब दुआ के आने के बाद अब मैं हर छोटे बदलाव पर ध्यान देता हूं। लगभग हर दिन कुछ नया होता है।'
मिलनसार बच्ची है दुआ- प्रकाश पादुकोण
प्रकाश पादुकोण बताते हैं कि उनकी नातिन यानी दुआ एक मिलनसार बच्ची हैं और जब भी दुआ बेंगलुरु आती है, तो प्रकाश और उनकी पत्नी उज्जला ये सुनिश्चित करते हैं कि वह उन्हें उन साधारण चीजों का मजा दिला सकें, जिनका अनुभव सेलिब्रिटीज के बच्चे पब्लिक अटेंशन के चलते नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि वह दुआ को मेट्रो की सवारी से लेकर ऑटो-रिक्शा की यात्रा तक कराते हैं और पार्क में शाम बिताने के लिए भी ले जाते हैं। लेकिन, इस दौरान वह उसकी प्राइवेसी का भी पूरा ख्याल रखते हैं।