राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले वर्षों में बड़ी तस्वीर बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने एनसीआर के विकास के लिए बड़ा खाका तैयार किया है। इसके तहत चार नए आधुनिक ग्रीनफील्ड शहर बसाने की प्लानिंग बनाई गई है, जिन्हें नमो नोड्स नाम दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पुराने BS-1, BS-2 और BS-3 वाहनों को सड़कों से हटाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। इन फैसलों को NCR के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है।
NCR में बसेंगे 4 नए नमो नोड्स
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की बैठक में क्षेत्रीय योजना-2041 को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिनका उद्देश्य दिल्ली पर बढ़ते दबाव को कम करना और आसपास के क्षेत्रों में विकास को गति देना है। इन नए शहरों को नमो नोड्स नाम दिया जाएगा। ये आधुनिक शहरी केंद्र होंगे, जहां आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की प्लानिंग बनाई है।
यूपी, हरियाणा और राजस्थान को मिलेगा फायदा
मसौदा योजना के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में नए आर्थिक और आवासीय केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन शहरों को हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसर मिल सकें। मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि मास्टर प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए एक समिति बनाई गई है, जो 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
NCR की सीमा में नहीं होगा कोई बदलाव
बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि NCR की मौजूदा सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार अपने कुछ शहरों को NCR क्षेत्र से बाहर करने की मांग कर रही थी, लेकिन इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया।
पुराने वाहनों पर सख्ती की तैयारी
बैठक में NCR के बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। इसके तहत BS-1, BS-2 और BS-3 मानकों वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार BS-6 वाहनों को बढ़ावा देने के लिए परिवर्तन योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है। साथ ही BS-4 बसों और ट्रकों को स्क्रैप कर नए वाहन खरीदने पर 30 प्रतिशत तक की छूट देने का सुझाव भी दिया गया है।
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