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छोटे टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर तक कर सकेंगे अघोषित विदेशी संपत्ति की घोषणा, 16 अगस्त से शुरू होगी योजना

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 15, 2026 04:56 pm IST,  Updated : Aug 15, 2026 04:56 pm IST

ये योजना 16 अगस्त से प्रभावी होगी और इसके तहत ऑनलाइन घोषणाएं 31 दिसंबर, 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी।

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट Image Source : PTI

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने शनिवार को कहा कि छोटे टैक्सपेयर्स के लिए विदेशी संपत्ति की स्वैच्छिक घोषणा योजना के तहत 31 दिसंबर, 2026 तक घोषणाएं दाखिल की जा सकती हैं। इस योजना के तहत टैक्सपेयर्स को 30 प्रतिशत टैक्स के साथ उतने ही पैसों की एक्स्ट्रा फीस देनी होगी। इस तरह, से कुल टैक्स की देनदारी सीधे-सीधे 60 प्रतिशत होगी। बताते चलें कि इस साल फरवरी में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में विदेशी संपत्ति की स्वैच्छिक घोषणा वाली इस योजना (FAST-DS) की घोषणा हुई थी। 

किन लोगों के लिए है स्कीम

ये स्कीम छोटे टैक्सपेयर्स जैसे- छात्रों, युवा पेशेवरों, आईटी सेक्टर के कर्मचारियों और विदेश में स्थानांतरित हुए प्रवासी भारतीयों के लिए है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने शनिवार को योजना के नियम अधिसूचित करते हुए कहा कि इसके तहत पात्र करदाता ऐसी अघोषित विदेशी संपत्तियों, अघोषित विदेशी आय या ऐसी विदेशी संपत्तियों की घोषणा कर सकते हैं, जिन्हें संबंधित विवरण में घोषित नहीं किया गया है। इसके लिए निर्धारित टैक्स या फीस का भुगतान करना होगा। 

16 अगस्त से शुरू होगी योजना

ये योजना 16 अगस्त से प्रभावी होगी और इसके तहत ऑनलाइन घोषणाएं 31 दिसंबर, 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी। घोषित की जाने वाली संपत्तियों का उचित बाजार मूल्य 31 मार्च, 2026 की स्थिति के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। 

घोषणा दाखिल करने के लिए तय की गईं दो व्यापक श्रेणियां

योजना के तहत घोषणा दाखिल करने के लिए दो व्यापक श्रेणियां तय की गई हैं। पहली श्रेणी में भारत के बाहर स्थित ऐसी अघोषित संपत्ति या ऐसी अघोषित विदेशी आय शामिल है, जिस पर टैक्स नहीं चुकाया गया है। इस मामले में अघोषित संपत्ति का कुल मूल्य एक करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए। दूसरी श्रेणी में भारत के बाहर स्थित ऐसी संपत्ति शामिल हैं, जिस पर पहले ही टैक्स दिया जा चुका है या जिसे करदाता के प्रवासी (NRI) रहने के दौरान हासिल किया गया था, लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न के संबंधित कॉलम में घोषित नहीं किया गया था। ऐसी घोषणाओं के लिए 5 करोड़ रुपये की मौद्रिक सीमा तय की गई है और इस पर 1 लाख रुपये की फीस लगेगी। 

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