भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान काफी अहम है।
एचडीएफसी के फ्लेक्सी कैप फंड ने अपने लॉन्च के बाद से अभी तक करीब 31 साल में 10,000 रुपये की एसआईपी को 21.50 करोड़ रुपये के भारी-भरकम फंड में तब्दील किया है।
पांडेय ने कहा कि एसोसिएशन और उद्योग को कुछ पंजीकृत पोर्टफोलियो प्रबंधकों द्वारा किए जा रहे भ्रामक दावों पर अंकुश लगाना चाहिए।
इन पांच इंडेक्स फंड में निफ्टी 50 इंडेक्स फंड, निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड और निफ्टी 8-13 वर्षीय जी-सेक इंडेक्स फंड शामिल हैं।
भारतीय शेयर बाजार में मची उथल-पुथल के बीच ऐसे कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जो अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को हरा-भरा बनाए हुए हैं।
निप्पॉन इंडिया एमएनसी फंड निवेशकों को डबल बेनिफिट देगा, क्योंकि यह फंड भारत में ग्लोबल ब्रांड्स और वैश्विक परिचालन वाली भारतीय कंपनियों में निवेश करता है।
म्यूचुअल फंड निवेश पर तगड़ा रिटर्न के लिए सही फंड का चुनाव बहुत जरूरी है। हालांकि, बहुत सारे निवेशक इसी में चूक जाते हैं।
घरेलू म्यूचुअल फंड की कुल नकदी होल्डिंग दिसंबर 2024 में 4.52 प्रतिशत के मुकाबले जनवरी 2025 में बढ़कर 5.62 प्रतिशत हो गई। महीने-दर-महीने आधार पर शुद्ध नकदी होल्डिंग 3.02 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 3.75 लाख करोड़ रुपये हो गई।
एनआरआई अपने एनआरई या एनआरओ खातों के माध्यम से नियमित बैंकिंग चैनलों का उपयोग करके भारत में म्यूचुअल फंड में सीधे निवेश कर सकते हैं।
अगर आपने फंड से अपना टारगेट पूरा कर लिया है, तो आप इसे भुनाने पर विचार कर सकते हैं। दूसरी तरफ, अगर नहीं, तो आपको तब तक निवेश बनाए रखना चाहिए जब तक कि यह हासिल न हो जाए।
म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन काफी हद तक फंड मैनेजर द्वारा लिए गए फैसलों पर निर्भर करता है। जब कोई फंड मैनेजर लंबे समय तक फंड को मैनेज करता है, तो वह फंड हाउस की निवेश शैली से अच्छी तरह वाकिफ होता है।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि बिना सोचे समझे किसी भी NFO में पैसा लगाना सही नहीं है। निवेश से पहले कुछ जानकारी जरूर जुटानी चाहिए।
अगर आप आरडी खाता चलाना चाहते हैं तो देश के किसी भी बैंक या डाकघर आरडी अकाउंट खुलवाया जा सकता है। डाकघर 5 साल की आरडी पर 6.7 प्रतिशत का सालाना ब्याज दे रहा है।
कई म्यूचुअल फंड स्कीम्स ऐसी भी हैं जिन्होंने लंबी अवधि में बहुत फीका रिटर्न दिया है। अगर आपको म्यूचुअल फंड स्कीम्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो बेहतर होगा कि आप अपने वित्तीय सलाहकर से किसी अच्छे फंड के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें।
म्यूचुअल फंड स्कीम का चुनाव ही आपको बंपर रिटर्न दिलाने की कुंजी है। अगर आप सही फंड चुनेंगे तो ही वह बंपर रिटर्न देगा।
अपने सामने आने वाली हर म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करने का लालच न करें। इससे आपका रिटर्न कम हो सकता है और आप एक अच्छा पोर्टफोलियो बनाने से चूक सकते हैं।
म्यूचुअल फंड एसआईपी में निवेश करने से पहले इस बात का खास ध्यान रखें कि इसमें किया जाने वाला निवेश पूरी तरह से शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। इसके अलावा, म्यूचुअल फंड एसआईपी से मिलने वाले रिटर्न पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स भी चुकाना पड़ता है।
अगर आप 5000 रुपये से एसआईपी शुरू करते हैं और हर साल अपनी एसआईपी में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी यानी स्टेप-अप करते हैं तो लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आपको इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि इससे मिलने वाला रिटर्न कैपिटल गेन्स के तहत आता है और इसके लिए आपको 12.5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक का कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना होता है।
देश के कई बैंक म्यूचुअल फंड के बदले 10 से 15 प्रतिशत की ब्याज दरों पर लोन मुहैया कराते हैं। बताते चलें कि अगर आपके पास इक्विटी म्यूचुअल फंड है तो आप उसकी वैल्यू का 50 प्रतिशत मार्जिन गिरवी रखना पड़ेगा।
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