1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. मैन्युफैक्चरिंग में ‘मेक इन इंडिया’ बूम का फायदा उठाने आई ये नई म्यूचुअल फंड स्कीम, जानें पूरी डिटेल

मैन्युफैक्चरिंग में ‘मेक इन इंडिया’ बूम का फायदा उठाने आई ये नई म्यूचुअल फंड स्कीम, जानें पूरी डिटेल

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Aug 10, 2025 12:43 pm IST,  Updated : Aug 10, 2025 12:43 pm IST

भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान काफी अहम है।

Mutual Fund - India TV Hindi
म्यूचुअल फंड Image Source : FILE

भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से भारतीय बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसके चलते सिप के जरिये म्यूचुअल फंड में हर महीने हजारों करोड़ रुपये निवेश हो रहे हैं। म्यूचुअल फंड हाउस भी बदलते समय के अनुसार, नई म्यूचुअल फंड स्कीम लेकर आ रही है। अब निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने मैन्युफैक्चरिंग में ‘मेक इन इंडिया’ बूम का फायदा उठाने के लिए एक नया फंड ऑफर (NFO) लॉन्च किया है। यह नया फंड ऑफर— निप्पॉन इंडिया निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग ईटीएफ और निप्पॉन इंडिया निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स फंड निवेश के लिए खुल गया है। इसमें निवेशक 20 अगस्त 2025 तक निवेश कर पाएंगे। 

भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार हुई तेज

यह नया फंड ऐसे समय पर लाया गया है जब भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर फिर से तेजी पकड़ रहा है। भारत सरकार मेक इन इंडिया के तहत मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है। वहीं, Apple जैसी बड़ी कंपनियां अपना प्रोडक्शन भारत शिफ्ट कर रही हैं। भारत तेजी से एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह रफ्तार साफ देखी जा सकती है। एक अनुमान के मुताबिक, भारत अगले साल मैन्युफैक्चरिंग में 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लेगा। अभी मैन्युफैक्चरिंग भारत की GDP का 17% हिस्सा है और आने वाले सालों में इसके और बढ़ने की उम्मीद है। निप्पॉन का यह नया फंड ऑफर निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स की जगह लेगा।

किस तरह की कंपनियों में लगेगा पैसा 

यह इंडेक्स कैपिटल गुड्स, ऑटो, मेटल्स, हेल्थकेयर, केमिकल्स वगैरह जैसी कंपनियों के स्टॉक में पैसा लगाएगा। इसमें उन सेक्टर्स की कंपनियों को चुना गया है जो मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हैं, जैसा कि AMFI फ्रेमवर्क के तहत तय किया गया है। साथ ही, इसमें ऑटो और कैपिटल गुड्स जैसे मुख्य सेक्टर्स को न्यूनतम हिस्सेदारी देने और अधिकतम वेट लिमिट लगाने जैसे नियमों का पालन किया गया है। इसमें निवेश Nifty 100, निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 50 की यूनिवर्स से चुनी गई टॉप 300 कंपनियों में किया जाता है।जैसे-जैसे भारत मैन्युफैक्चरिंग के दम पर ग्रोथ के नए दौर में प्रवेश कर रहा है, वैसे-वैसे यह फंड देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को भुनाने की कोशिश कर रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था के 7% से ऊपर की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जिसे 28.2 साल की औसत उम्र वाली युवा आबादी और 68% कामकाजी उम्र वाले लोगों का आधार सपोर्ट कर रहा है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जमकर आया एफडीआई 

सस्ते वेतन ढांचे, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी कॉर्पोरेट टैक्स रेट और PLI, गति शक्ति और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं के जरिए सरकार की मजबूत पॉलिसी सपोर्ट के चलते बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट आ रहे हैं। पिछले 10 सालों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में FDI में 69% की बढ़त हुई है। दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर्स अब चीन-प्लस-वन रणनीति अपना रहे हैं और भारत इसका बड़ा फायदा उठाता दिख रहा है। इससे घरेलू डिमांड, सप्लाई चेन में बदलाव और कंज़्यूमर सेक्टर में प्रीमियमाइजेशन जैसी लंबी अवधि की संभावनाएं पैदा हो रही हैं।

यह फंड ETF और इंडेक्स फंड दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध है। निवेशकों को इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की डाइवर्सिफाइड टोकरी में कम लागत में निवेश करने का मौका मिलता है, जिसमें इंडेक्स की पूरी पारदर्शिता होती है और ट्रैकिंग एरर भी बहुत कम होता है। ETF में इन्ट्राडे लिक्विडिटी यानी दिन में कभी भी खरीद-बिक्री की सुविधा मिलती है, जबकि इंडेक्स फंड के जरिए SIP के जरिए सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट किया जा सकता है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा