उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में 1,519 करोड़ की लागत वाले ग्रीन कॉरिडोर परियोजना से जुड़े कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहर में सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया और उसका समुचित उपयोग करके संसाधन जुटाकर करीब 1,519 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम किया।
2 चरणों का काम पूरा, तीसरे और चौथे चरण का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास के मामले में ये मॉडल एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि किस प्रकार संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करके बड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा सकता है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत आईआईएम रोड से पक्का पुल तथा पक्का पुल (डालीगंज) से समता मूलक चौराहे तक के दो चरणों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनका लोकार्पण किया गया। बयान में कहा गया है कि इसके साथ ही समता मूलक चौराहे से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ तक के तीसरे और चौथे चरण का शिलान्यास भी किया गया है।
लखनऊ में 15 मिनट में पूरा होगा 1 घंटे का सफर
बयान में कहा गया है कि परियोजना में शामिल सड़क की लंबाई लगभग 28 किलोमीटर है, जिससे राजधानी के अलग-अलग हिस्सों को आपस में जोड़कर यातायात को सुगम बनाया जाएगा। बयान के अनुसार ग्रीन कॉरिडोर के बनने से राजधानी में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और पहले जिन सड़कों पर लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में 45 मिनट से एक घंटा लग जाता था, अब वही दूरी सिर्फ 10 से 15 मिनट में तय हो सकेगी। इससे समय की बचत होगी और शहर में जाम की समस्या भी कम होगी।



































