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मोदी सरकार की वापसी को लेकर आश्वस्त शेयर बाजार, नए साल में इसके चलते मार्केट में तेजी बनी रहने की उम्मीद

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Jan 07, 2024 04:43 pm IST,  Updated : Jan 07, 2024 04:43 pm IST

मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार दोबारा सत्ता में आएगी और वृद्धि तथा विकास पर खर्च पहले की तरह जारी रहेगा और देश को तेजी से और अधिक कुशलता से प्रगति करने के अवसर प्रदान करेगा। बुनियादी ढांचे पर खर्च से होने वाली वृद्धि लोगों को बेहतर जीवनशैली प्रदान करने में मदद करती है।

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शेयर बाजार Image Source : FILE

केंद्र की सत्ता में मोदी सरकार की वापसी को लेकर भारतीय शेयर बाजार आश्वस्त लग रहा है। इसके चलते 2023 की शानदार तेजी के बाद नए साल में भी बाजार में तेजी जारी है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है​ कि बाजार इस बात को मान कर चल रहा है कि केंद्र में एक बार फिर मोदी सरकार की वापसी होने जा रही है। मोदी सरकार के वापसी से स्वच्छ शासन व बढ़ोतरी तथा विकास की सतत नीतियां जारी रहेंगी। पिछले नौ साल आठ महीने में विकास, बुनियादी ढांचे पर खर्च देखा गया है जिसमें राजमार्गों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और अन्य पर पूंजीगत व्यय शामिल हैं। इसी उम्मीद का असर भारतीय बाजार पर दिखाई दे रहा है। बाजार में तेजी जारी है। 

पिछले साल स्टॉक मार्केट ने दिया बंपर रिटर्न 

शेयर बाजार (मार्केट) में पिछले कुछ समय से तेजी है। कैलेंडर वर्ष 2023 में बीएसई-सेंसेक्स में लगभग 18.5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जबकि निफ्टी ने 20 फीसदी पर और भी बेहतर प्रदर्शन किया। इस बढ़ोतरी के बीच, बीते पांच सप्ताह में बाजार की बढ़त जबरदस्त थी। इसका पहला कारण केंद्र सत्तारूढ़ भाजपा का तीन हिंदी भाषी राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव जीतना था।

पीएलआई स्कीम का भी मिल रहा फायदा

केंद्र सरकार प्राइवेट सेक्टर को कारखाने लगाने में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। पीएलआई योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया गया है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि प्रोत्साहन केवल उत्पादन पर ही मिलता है। सिद्धांत यह है कि पहले निर्माण करें और बाद में प्रोत्साहन प्राप्त करें। सरकार के इस दृष्टिकोण से प्रगति हुई है, अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं और दुनिया के सामने आने वाली सभी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ती रही है।

सरकारी कंपनियों ने निवेशकों को किया मालामाल 

सीपीएसई या पीएसयू इकाइयां शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और शेयरधारकों को अच्छा रिटर्न दे रही हैं। इसमें पीएसयू में सबसे बड़ी शेयरधारक के रूप में सरकार भी शामिल है। सबसे अच्छा उदाहरण हाल ही में सूचीबद्ध इरेडा (आईआरईडीए) है, जिसने 32 रुपये पर शेयर जारी किए थे। इसके शेयर की कीमत 123 रुपये के उच्चतम स्तर को छू गई। 73 रुपये या 228 प्रतिशत की बढ़त के साथ 105 रुपये पर कारोबार बंद हुआ। यह सिर्फ एक उदाहरण है और ये रिटर्न पिछले पांच सप्ताह में आए हैं।

इस कारण इन स्टॉक्स में जबरदस्त तेजी

रेलवे क्षेत्र, रक्षा क्षेत्र में पीएसयू के शेयरों में वृद्धि हुई है। चाहे वह जहाज निर्माण, विमान, मिसाइल निर्माण या यहां तक कि बैंकिंग सेक्टर हो। सभी सेक्टरों में रिटर्न छाया रहा है और अच्छे से लेकर शानदार तक रहा है। आम आदमी या छोटे खुदरा विक्रेता जिन्होंने सरकार और उसके स्टॉक में निवेश किया है, उन सभी ने अच्छा रिटर्न हासिल किया है। 

मोदी सरकार आएगी तो ये काम जारी रखेगी

बाजार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार में मौजूदा शासन के अभूतपूर्व तीसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में वापस आने से विकास और बुनियादी ढांचे पर खर्च आज का क्रम बन जाएगा। यह सब आम आदमी के जीवन को बहुत सरल और बेहतर बना देगा क्योंकि बुनियादी ढांचे के विकास का मतलब है आम आदमी की कमाई में वृद्धि। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य था जिसका बुनियादी ढांचा बहुत खराब था। यूपी को आज सबसे अधिक राजमार्गों वाले राज्य के रूप में जाना जाता है। इन बदलावों का प्रभाव लंबे समय तक रहता है और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लाभों का असर होता है जिससे कई लोगों के जीवन में बदलाव आता है। बाजार तत्कालीन सरकार और विकास के माध्यम से निरंतर विकास की उसकी नीतियों में विश्वास करता है। विभिन्न मदों के तहत विभिन्न कार्यक्रम - चाहे वह 'मेक इन इंडिया' हो, विभिन्न आवास योजनाएं हों, भारत के कौशल सेट में सुधार करना हो, लोगों को प्रशिक्षण देना आदि हो।

इनपुट: आईएएनएस

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