1. Hindi News
  2. पैसा
  3. फायदे की खबर
  4. खुशखबरी सरकार कर रही है पेट्रोल-डीजल सस्‍ता करने की तैयारी, पेट्रोलियम पदार्थों को GST में लाने पर होगा विचार

खुशखबरी सरकार कर रही है पेट्रोल-डीजल सस्‍ता करने की तैयारी, पेट्रोलियम पदार्थों को GST में लाने पर होगा विचार

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Sep 14, 2021 02:23 pm IST,  Updated : Sep 14, 2021 02:23 pm IST

ई्रंधन पर एक समान कर लगाने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नरम बनाने में मदद मिलेगी, जिनकी कीमत हाल ही में केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा उच्च कर लगाने की वजह से अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।

 Modi Govt to consider bringing petrol, diesel into GST- India TV Hindi
 Modi Govt to consider bringing petrol, diesel into GST Image Source : PIXABAY

नई दिल्‍ली। वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) पर गठित एक मंत्रिस्‍तरीय समिति पेट्रोलियम पदार्थों को एकल राष्‍ट्रीय कर दर के तहत लाने पर विचार करेगी। इस मामले से जुड़े एक सूत्र के हवाले से मिंट ने यह खबर प्रकाशित की है। सरकार इसके जरिये उपभोक्‍ता मूल्‍य और सरकार के राजस्‍व में एक संभावित बड़ा बदलाव लाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले देश के प्रमुख औद्योगिक संगठन भी पेट्रोलियम उत्‍पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग उठा चुके हैं।   

पीएचडी चैंबर के अध्‍यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि तेल की कीमतों में मौजूदा वृद्धि ने समस्या पैदा की है क्योंकि इसका अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है। सरकार के लिए गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। तेल के दामों में वृद्धि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी और केंद्र तथा राज्य सरकारों दोनों द्वारा लगाए गए उच्च घरेलू कर ढांचे का नतीजा है।

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्‍यक्षता वाली समिति शुक्रवार 17 सितंबर को लखनऊ में आयोजित होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में इस प्रस्‍ताव पर विचार-विमर्श करेगी। सूत्र ने बताया कि भारतीय अदालत द्वारा इस मुद्दे पर विचार करने का निर्देश देने के बाद आगामी बैठक के एजेंडे में इस प्रस्‍ताव को शामिल किया गया है।

जीएसटी प्रणाली में कोई भी बदलाव करने के लिए समिति के एक तीन चौथाई सदस्‍यों की मंजूरी आवश्‍यक होती है। इस समिति में सभी राज्‍यों व केंद्र शासित प्रदेशों के वित्‍त मंत्री सदस्‍य के रूप में शामिल हैं। इनमें से कुछ वित्‍त मंत्री पेट्रोलियम उत्‍पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के खिलाफ हैं, क्‍योंकि केंद्र व राज्‍य सरकारों के लिए यह एक प्रमुख राजस्‍व स्रोत है।

ई्रंधन पर एक समान कर लगाने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नरम बनाने में मदद मिलेगी, जिनकी कीमत हाल ही में केंद्र व राज्‍य सरकारों द्वारा उच्‍च कर लगाने की वजह से अपने सर्वकालिक उच्‍च स्‍तर पर पहुंच गई हैं। पेट्रोलियम उत्‍पादों की खुदरा कीमत में इन करों की हिस्‍सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है।  

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक 17 सितंबर को लखनऊ में होगी। इस बैठक में अन्य चीजों के अलावा कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा हो सकती है। जीएसटी परिषद की इससे पिछली बैठक 12 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई थी। इसमें कोविड-19 से संबंधित सामग्री पर कर की दरों को 30 सितंबर तक के लिए घटाया गया था। कोविड-19 की दवाओं रेमडेसिवीर तथ टोसिलिजुमैब के अलावा मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती की गई थी। परिषद की 17 सितंबर को होने वाली बैठक में राज्यों को राजस्व नुकसान पर मुआवजे, कोविड-19 से जुड़े सामान पर दरों और कुछ वस्तुओं पर उलट शुल्क ढांचे पर विचार किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: Maruti की यह कार देती है 23.76 किमी/लीटर का माइलेज, बिक चुकी हैं अबतक इसकी 25 लाख इकाई

यह भी पढ़ें: मोदी सरकार ने बदला MSP पर खरीद करने का फॉर्मूला, सिर्फ किसानों को मिलेगा फायदा

यह भी पढ़ें: RBI ने आम जनता को किया आगाह, KYC अपडेट के नाम पर ऐसे हो रही है धोखाधड़ी रहें बचकर

यह भी पढ़ें: EPFO ने दी राहत, आधार को यूएएन से जोड़ने की समयसीमा बढ़ाई

यह भी पढ़ें: OPPO F19s जल्‍द होगा भारत में लॉन्‍च, जानिएं कीमत और खूबियां

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। My Profit से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा