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इस NBFC में लोग तेजी से करा रहे FD, देखते ही देखते आंकड़ा 50 हजार करोड़ पार कर गया

 Published : Aug 21, 2023 10:52 pm IST,  Updated : Aug 21, 2023 11:00 pm IST

NBFC FD: FD को दुनिया का सबसे सेफ निवेश में से एक माना जाता है। बैंकिंग और नॉन बैंकिंग संस्थाएं इसमें एक निश्चित ब्याज दर पर रिटर्न ग्राहक को देती है।

NBFC FD- India TV Hindi
NBFC FD Image Source : FILE

Bajaj Finance FD: देश की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस लि.ने सोमवार को कहा कि उसकी एफडी का आकार 50,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बजाज फाइनेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष सचिन सिक्का ने एक बयान में कहा कि हमने अपने ग्राहकों के लिए आकर्षक ब्याज दरों पर दीर्घकालीन मियादी जमा की सुविधा पेश की है। इससे मियादी जमा में तेज वृद्धि हुई है। यह पिछले दो साल में दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल रूप से कामकाज आसान होने से भी सावधि जमा बढ़ी है और यह 50,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। 

44 महीने की अवधि

बजाज फिनसर्व की अनुषंगी बजाज फाइनेंस 44 महीने की अवधि के मियादी जमा पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.60 प्रतिशत और अन्य को 8.35 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रही है। वहीं 12 महीने की अवधि की एफडी पर 7.40 प्रतिशत और 24 महीने के लिये 7.55 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रही है। वहीं 36 से 60 महीनों की जमा पर ब्याज दर 8.05 प्रतिशत हैं। बजाज फाइनेंस वरिष्ठ नागरिकों को इन सभी जमाओं पर 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज की पेशकश कर रही है। अगर आप भी FD में निवेश करने की सोच रहे हैं तो टैक्स का गणित समझ लीजिए। 

जानिए FD पर टैक्स का गणित 

आयकर के नियमों के अनुसार आपकी FD पर ब्याज 40,000 रुपये से अधिक होता है तो बैंक इस पर मिलने वाले ब्याज पर TDS काटते हैं। यदि आप सीनियर सिटिजन हैं तो आपको 10000 की छूट मिलती है, यानि 50,000 रुपये के बाद TDS काटा जाता है। यहां, ध्यान रखने वाली बात यह है कि TDS तब काटा जाता है, जब आपकी FD पर ब्याज जोड़ा जाता है या क्रेडिट किया जाता है, न कि तब, जब FD मेच्योर होती है। इस प्रकार हर साल आपको ब्याज पर टैक्स देना होता है। 

पैन नहीं तो 20 फीसदी टैक्स?

साधारण स्थिति में यदि छूट की लिमिट से ज्यादा पैसे ब्याज के रूप में मिलते हैं, तो बैंक आपके ब्याज पर 10 फीसदी की दर से टीडीएस काटते हैं। लेकिन यहां ध्यान रखना होगा कि अगर आपके पास पैन नंबर नहीं है तो यह टीडीएस की राशि दोगुनी हो जाती है, यानि आपको 20 फीसदी टैक्स देना होगा। 

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