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Hindi News बिहार जनता दरबार में नीतीश कुमार सुन रहे थे शिकायतें, याचक सामने आकर बोला हमें 'ब्लैक फंगस' है

जनता दरबार में नीतीश कुमार सुन रहे थे शिकायतें, याचक सामने आकर बोला हमें 'ब्लैक फंगस' है

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में सोमवार ब्लैक फंगस से संक्रमित होने का दावा करने वाला एक व्यक्ति उनके सामने पहुंचा।

<p>जनता दरबार में नीतीश...- India TV Hindi Image Source : INDIA TV जनता दरबार में नीतीश कुमार सुन रहे थे शिकायतें, याचक सामने आकर बोला हमें 'ब्लैक फंगस' है

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में सोमवार ब्लैक फंगस से संक्रमित होने का दावा करने वाला एक व्यक्ति उनके सामने पहुंचा। मुख्यमंत्री ने जनता दरबार लगाया हुआ था और बारी बारी लोगों की शिकायतें सुन रहे थे, तभी उनके सामने एक याचक आकर बैठता है और अपने कागज मुख्यमंत्री को सौंपता है, मुख्यमंत्री ने कागज पढ़े और कहा, 'ये तो ब्लैक फंगस हो गया है', तभी वहां खड़े अधिकारियों ने फरियादी से पूछा कि किसको ब्लैक फंगस है तो वह बोला कि, "हमको ब्लैक फंगस के लक्ष्ण हैं।"

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने अधिकारियों को कहा कि तुरंत इन्हें (याचक को) स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास लेकर जाएं और साथ में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को फोन लगाया और कहा कि एक लड़का आया है और वह कह रहा है कि उसको ब्लैक फंगस है उसे देखिए।

नीतीश कुमार का "जनता का दरबार" कार्यक्रम पांच साल बाद आज से फिर शुरू हुआ है और हर सोमवार को मुख्यमंत्री का जनता दरबार लगेगा जिसमे लोग आमने-सामने बैठकर अपनी समस्या और शिकायत करेंगे और मुख्यमंत्री ऑनस्पॉट लोगों की समस्याओं के निष्पादन का निर्देश पदाधिकारियों को देंगे।

पहले CM आवास 1, अन्ने मार्ग में जनता दरबार लगता था लेकिन इस बार यह मुख्यमंत्री सचिवालय के परिसर में लग रहा है। अप्रैल, 2006 से मई 2016 तक मुख्यमंत्री ने यह कार्यक्रम किया था। महीने में तीन सोमवार को यह कार्यक्रम होता था। फिर लोक शिकायत निवारण कानून बनने के बाद इसे बंद कर दिया गया था।

वहीं, आपको बता दें कि ब्लैक फंगस कोरोना की तरह छूने से नहीं फैलता है लेकिन कोरोना से ठीक हो चुके कई लोगों में ब्लैक फंगस का संक्रमण पाया गया है।