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पांडे जी के एक्शन से, मैगी को हुई टेंशन, जानिए पूरा मैगी विवाद'

नई दिल्ली: महज दो मिनट में तैयार होने वाली मैगी हर रोज नई मुश्किल में फंसती नजर आ रही है। वीके पांडे के एक्शन ने मैगी को ऐसी टेंशन दे दी है कि उसे अब

पांडेजी के एक्शन से...- India TV Hindi पांडेजी के एक्शन से मैगी को टेंशन,पढ़ें मैगी का सिलसिलेवार पोस्टमॉर्टम

नई दिल्ली: महज दो मिनट में तैयार होने वाली मैगी हर रोज नई मुश्किल में फंसती नजर आ रही है। वीके पांडे के एक्शन ने मैगी को ऐसी टेंशन दे दी है कि उसे अब उसे इसकी कोई काट नहीं सूझ रही है। हर रोज किसी न किसी राज्य पर प्रतिबंध की खबरें सामने आ रही हैं। दिल्ली में 15 दिन के बैन के बाद अब हमारी सेना की कैंटीन से भी मैगी के पैकेट्स को हटाने का फरमान जारी कर दिया गया है। तो आप भी जानिए क्या था पूरा मैगी विवाद।

एक झूठ से फंस गई मैगी-

दरअसल मैगी दावा करती है कि उसके नूडल्स में लैड यानी शीशे की मात्रा 2.5 पीपीएम तक ही होती है जबकि जांच में इसे 17 के स्तर तक पाया गया। मैगी के बुरे दिन तब शुरू हुए जब बाराबंकी जिले के फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर वी के पांडे ने बाजार से मैगी का एक पैकेट खरीदा। उन्होंने इसकी जांच की और इसमें लेड खतरनाक स्तर पर पाया गया। इसके बाद होली के दौरान भी इसकी एक बार जांच की गई। इन जांच के नमूनों को गोरखपुर और फिर कोलकाता भेजा गया। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मैगी के सैंपल में लेड और ग्लूटामेट खतरनाक स्तर पर हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद बाराबंकी जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन से इस मामले में केस चलाने की स्वीकृति मांगी जिसे मंजूरी दे दी गई।

कौन हैं वीके पांडे-

पांडे जी उत्तर प्रदेश के बारबांकी जिले में स्थित एक सरकारी खाद्य गुणवत्ता प्रयोगशाला से जुड़े हैं। वो जिला खाद्य अधिकारी हैं।

लेड की बात सामने आते है लगने लगा बैन-

  • दिल्ली में 15 दिन के लिए मैगी पर बैन लग चुका है।
  • तेलांगना और पंजाब में भी मैगी के सैंपल लिए जा चुके हैं।
  • केरल, उत्तराखंड, मुंबई, गुजरात और राजस्थान में मैगी जब्त कर इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • मैगी के खतरे को भांपते हुए भारतीय सेना की कैंटीन में भी मैगी के पैकेट्स पर बैन लग चुका है।
  • फ्यूचर ग्रुप वाले बिग बाजार ने भी फैसला किया है कि जब तक की मैगी को सुरक्षित नहीं बताया जाता उनके किसी आउटलेट्स में इसकी बिक्री नहीं होगी।  
  • वहीं दिल्ली समेत केंद्र सरकार की ओर से संचालित केंद्रीय भंडारों में भी मैगी नहीं बेचने का फैसला किया गया।

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