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​गाड़ी पर पुलिस का स्टिकर, हाथ में वॉकी-टॉकी; खुद को IB का अधिकारी बताने वाला फर्जी IPS गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। ये आरोप खुद को आईबी का आईपीएस अधिकारी बताता था। जांच में पता चला है कि इसपर दुष्कर्म और हत्या जैसे मामले दर्ज हैं और कोर्ट ने इसे भगोड़ा भी घोषित किया है।

फर्जी आईपीएस को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार। - India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT फर्जी आईपीएस को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने एक बेहद शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। ये खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का IPS अधिकारी बताकर लोगों को ठगता था और उन पर रौब झाड़ता था। आरोपी की पहचान विमल भट्ट उर्फ सोनू के रूप में हुई है, जिसे कोर्ट ने काफी समय पहले भगोड़ा घोषित कर दिया था। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) विक्रम सिंह ने बताया कि उनकी टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी कि द्वारका साउथ थाने के केस में वांछित अपराधी विमल भट्ट, पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में आने वाला है। सूचना के आधार पर एसआई मोहित असिवाल और उनकी टीम ने इलाके की घेराबंदी की और दोपहर करीब 3:25 बजे घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। 

​गाड़ी पर पुलिस का स्टिकर

डीसीपी के मुताबिक जांच में पता चला कि विमल भट्ट की कार्यशैली किसी फिल्मी विलेन जैसी थी। वह अपनी गाड़ी पर POLICE के स्टिकर लगाकर घूमता था और उसमें साइरन व लाउड-हॉलर भी लगा रखा था। इतना ही नहीं, उसने गृह मंत्रालय और आईबी के फर्जी पहचान पत्र भी बनवा रखे थे। वह खुद को बड़ा अफसर दिखाकर लोगों को डराता था और काम करवाने के नाम पर ठगी करता था। पुलिस ने उसके पास से वॉकी-टॉकी और कई फर्जी सरकारी दस्तावेज बरामद किए हैं। 

आदतन अपराधी है विमल भट्ट

पुलिस के मुताबिक विमल भट्ट सिर्फ एक जालसाज नहीं, बल्कि एक आदतन अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर कई संगीन मामले दर्ज हैं।

  • ​बलात्कार का केस: नारायणा थाने में उसके खिलाफ बलात्कार (Section 376) और अप्राकृतिक कृत्य (Section 377) का मामला दर्ज है।
  • ​हत्या का केस: जम्मू के नवाबाद में उसके खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और जान लेने का मामला दर्ज है।
  • ​भगोड़ा घोषित: अगस्त 2025 में कोर्ट ने उसे द्वारका के एक मामले में 'भगोड़ा' करार दिया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। 

जांच में जुटी पुलिस की टीम

डीसीपी ने जानकारी दी कि आरोपी मूल रूप से गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन का रहने वाला है। विमल भट्ट गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। दिल्ली पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि उसने फर्जी अधिकारी बनकर अब तक कितने लोगों को चूना लगाया है। फिलहाल पुलिस ने उसे नई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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