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रिया का इंटरव्यू असलियत को बदलने का एक असफल प्रयास था : सुशांत के बहनोई

विशाल ने दिवंगत अभिनेता के परिवार का बचाव करते हुए एक लंबा ब्लॉग पोस्ट लिखा है। इसमें उन्होंने रिया के नाम का उल्लेख किए बिना कई अहम बातें कही हैं।

रिया का इंटरव्यू असलियत को बदलने का एक असफल प्रयास था : सुशांत के बहनोई- India TV Hindi Image Source : NSTAGRAM RHEA रिया का इंटरव्यू असलियत को बदलने का एक असफल प्रयास था : सुशांत के बहनोई

मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा विशाल कीर्ति (श्वेता सिंह कीर्ति के पति) ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती पर हमला करते हुए कहा है कि उनका हालिया साक्षात्कार इस मामले की कहानी को बदलने का एक असफल प्रयास था। विशाल ने दिवंगत अभिनेता के परिवार का बचाव करते हुए एक लंबा ब्लॉग पोस्ट लिखा है। इसमें उन्होंने रिया के नाम का उल्लेख किए बिना कई अहम बातें कही हैं। रिया जो इस मामले की मुख्य संदिग्ध है और मामले की जांच कर रहीं तीन केंद्रीय एजेंसियों- ईडी, सीबीआई और एनसीबी की जांच के अधीन हैं।

विशाल ने लिखा कि कैसे "मानसिक स्वास्थ्य का इस्तेमाल अभियुक्त द्वारा अपने अपराध को छुपाने के लिए किया जा रहा है"। उन्होंने लिखा, "एक चैनल के अनुसार, सीबीआई में एक सूत्र ने बड़ा खुलासा किया है कि सुशांत मौत से पहले सर्च इंजन पर हिमाचल, केरल और कूर्ग में संपत्तियां देख रहा था। जबकि मुंबई पुलिस ने पूरे देश को एक झूठ के जरिए गुमराह किया कि वह पहले 'दर्द रहित मौत' जैसी चीजों को सर्च इंजन पर खोज रहा था।"

उन्हें लगता है कि मुंबई पुलिस ऐसा करके "बड़े पैमाने पर चीजों को छुपा रही है"। उन्होंने लिखा, "मैं मेंट हेल्थ इनीशिएटिव का एक चैंपियन हूं और मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर कई पुस्तकें पढ़ चुका हूं, जिसमें डीएसएम-5 भी शामिल है। लेकिन इस मामले में, मानसिक स्वास्थ्य का उपयोग अभियुक्त द्वारा अपराध को छुपाने के लिए किया जा रहा है। मामला चाहे हत्या का हो या आत्महत्या का, मुंबई पुलिस जनता को क्यों गुमराह कर रही थी? यदि यह आत्महत्या थी, तो आपराधिक ताकतों द्वारा इसके पीछे कारण पैदा करने के चलते की गई और अगर यह हत्या है, तो यह अपने में स्पष्ट है।"

विशाल ने आगे कहा, "मैंने साक्षात्कारों में देखा कि आरोपी ने कहा कि वह अवसाद में जा रहे थे और फिर उन्होंने मनोचिकित्सक को फोन किया। उनकी मानसिक स्थिति ऐसी थी कि उन्हें दवाओं की जरूरत थी। यदि हम मान लें कि सुशांत अवसाद के कारण खतरनाक हो गए थे, आरोपी को उनसे खतरा पैदा हो गया था तो क्या आरोपी उसे ड्रग देगी। कुछ चमचा चैनलों ने यह बात स्थापित करने की कोशिश की कि सुशांत डिप्रेशन की प्रिस्क्राइब की गईं सही दवाएं नहीं ले रहे थे जो उनकी आत्महत्या का कारण बना।"

जबकि उनके अनुसार, असलियत यह है कि सुशांत की मई के मध्य में स्थिति काफी बेहतर हो गई थी, क्योंकि अपराधियों ने उन्हें नशा देना बंद कर दिया था।

उन्होंने लिखा, "जब आरोपी ने ब्लैकमेल करना शुरू किया था तब से मई के बीच तक सब कुछ मुश्किल था। लगता है कि जब आरोपी 8 जून को सुशांत के घर से निकली तब वह सुशांत के लैपटॉप, उसके पुराने सेलफोन और अन्य उपकरणों को अपने साथ ले गई। उन उपकरणों में उनकी मानसिक स्वास्थ्य की रिपोर्ट के अलावा और क्या था, जिसके बारे में वह सुशांत को ब्लैकमेल कर रहा थी? आरोपी ने ठीक उसी समय सुशांत के डेबिट कार्ड की पिन बदलने कोशिश की, जब वह ठीक हो रहा था और आरोपी को अपने घर से निकालना चाहता था।"

सुशांत पर नियंत्रण करने को लेकर विशाल ने लिखा, "कारावास और नियंत्रण एक सोशियोपैथ की ताकत होते हैं। आरोपी ने साक्षात्कार में कहा कि मेरी तीन सालियां वाटरस्टोन रिसॉर्ट्स गईं और उसी दिन वापस आ गईं। ऐसा लगता है कि इसके पीछे कारण उनके पारिवारिक संबंधों में समस्याएं होना था।"

इस पर विशाल ने लिखा, "जबकि वास्तविक कहानी यह है कि सुशांत अपनी बहन के साथ चंडीगढ़ आना चाहता था और उसने टिकट भी ले लिया था, लेकिन उसे साजिशकर्ता की ब्लैकमेलिंग के कारण घुटने टेकने पड़े और उसने अपना टिकट कैंसल करा लिया। यह साफतौर पर उस पर किए जा रहे नियंत्रण को दिखाता है। मुझे खुशी है कि मेरी तीनों सालियां आरोपी के साथ नहीं रुकीं, वरना क्या पता वह उन और कौन से नए आरोप लगा देती। जनवरी 2020 में भी इसी तरह आरोपी ने फोन के जरिए सुशांत को वापस आने के लिए मजबूर किया था।"

विशाल ने बताया कि आरोपी ने कहा कि सुशांत का उसके पिता के साथ अच्छा रिश्ता नहीं था, क्योंकि उसके पिता ने उसे कम उम्र में ही छोड़ दिया था।

उन्होंने लिखा, "असल बात यह है कि मेरे ससुर तब रहने के लिए दिल्ली ही आ गए थे जब सुशांत हाईस्कूल में था और प्रियंका दी कॉलेज में थीं। मेरे लिए तो यह एक पिता का अपने बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पण है। वहीं मेरी पत्नी पटना के सर्वश्रेष्ठ स्कूल में पढ़ रही थीं और मेरी दिवंगत सास उनके साथ पटना में थीं ताकि मेरी पत्नी अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी कर सके। वो माता-पिता जो अपने बच्चों को सपोर्ट करने के लिए हर समय उनके साथ थे उनके लिए ऐसी कहानियां बनाईं जा रही हैं कि पिता अपने बेटे को छोड़कर चले गए थे?"

ड्रग के कथित सेवन पर विशाल ने कहा, "सभी ड्रग चैट लीक के बाद आरोपी का बचाव यह है कि सुशांत ड्रग लेता था (और आरोपी और उसके सहयोगी बस उसके लिए इसका इंतजाम करते थे। जो कि चैट में सामने आ चुका है)। यह तो एकदम बेतुकी बात है। भले ही हम एक पल के लिए इसे भी स्वीकार कर लें, तो यह उसकी किस तरह की पार्टनर थी जो अपने प्रियजन के लिए ऐसी ड्रग्स का इंतजाम कर रही थी जिसे वह खुद कभी नहीं लेना चाहती थी और न उसने ली (जैसा उसने साक्षात्कार में कहा)। इसका मतलब है कि दो चीजों में से एक बात सच है या तो आरोपी सुशांत को जबरन ड्रग्स दे रही थी या यह आरोपी ही थी जो ड्रग्स ले रही थी।"

विशाल ने आखिर में अपनी साली मीतू दीदी के बारे में बात की। उन्होंने लिखा, "मैंने देखा कि जब 8 से 14 जून के बीच की बात आई तो आरोपी ने गेंद मीतू दी के पाले में डालने की कोशिश की। यह उसकी एक चाल है। शुक्र है कि जब वहां कोई नहीं था तब मीतू दी वहां थीं क्योंकि आरोपी या उसकी कठपुतलियां बने लोगों के साथ रहना किसी खतरे से कम नहीं था। आरोपी को सीबीआई को बताना चाहिए कि क्या वह मीतू दी के 12 जून को जाने के बाद सुशांत से मिली थी और उसे ब्लैकमेल किया था या इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी क्योंकि आरोपी जानती थी कि मीतू दी के जाते ही सुशांत के साथ कुछ बुरा होने वाला है।"

विशाल को नहीं लगता कि ये "साक्षात्कार आरोपी की गिरफ्तारी को रोक पाएगा। उन्होंने कहा कि यह तो असलियत को बदलने का एक असफल प्रयास था"।

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