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गुजरात नगर निगम चुनाव: मतदान से पहले ही निर्विरोध जीत गईं बीजेपी की उम्मीदवार

बृंदाबेन सुरती के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं कांग्रेस उम्मीदवार ने जहां अपना नामांकन वापस ले लिया था, वहीं आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार का नामांकन फॉर्म रद्द हो गया था।

Gujarat Local Body, Gujarat Local Body Elections, Gujarat Local Body Elections Result 2021- India TV Hindi Image Source : PTI REPRESENTATIONAL गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए प्रचार की औपचारिक शुरुआत होने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है।

गांधीनगर: गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए प्रचार की औपचारिक शुरुआत होने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के नारनपुरा वॉर्ड में भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार बृंदाबेन सुरती को निर्विरोध विजयी घोषित किया गया। उन्होंने इस वॉर्ड की 4 सीटों में से ओबीसी आरक्षित सीट से जीत हासिल की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरती के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं कांग्रेस उम्मीदवार ने जहां अपना नामांकन वापस ले लिया था, वहीं आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार का नामांकन फॉर्म रद्द हो गया था।

कांग्रेस उम्मीदवार ने वापस ले लिया नाम
इस तरह देखा जाए तो बीजेपी की उम्मीदवार को निगम चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए खास मशक्कत नहीं करनी पड़ी। कांग्रेस पार्टी से बृंदा की प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार चंद्रिकबेन रावल ने नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख मंगलवार को अपना नामांकन वापस लेकर सुरती की जीत पक्की कर दी। इसके एक दिन पहले ही सुरती की अन्य प्रतिद्वंद्वी, आम आदमी पार्टी की पुष्पाबेन का नामांकन फॉर्म रद्द कर दिया गया था। चूंकि सुरती ही मैदान में एकमात्र उम्मीवार रह गई थीं, इसलिए उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित किया गया। इस वॉर्ड की 4 सीटों में से नारनपुरा में अब केवल 3 वॉर्डों के लिए मतदान होगा। 

21 फरवरी को होने हैं नगर निगम चुनाव
भारतीय जनता पार्टी गुरुवार से गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए प्रचार शुरू कर रही है। बता दें कि गुजरात के 6 नगर निगमों के लिए 21 फरवरी तथा 81 नगरपालिकाओं, 31 जिला पंचायतों एवं 231 तालुका पंचायतों के लिए 28 फरवरी को चुनाव हैं। नगर निगम चुनाव की मतगणना 23 फरवरी को और स्थानीय निकायों के चुनाव की मतगणना 2 मार्च को होगी। SOP के अनुसार संबंधी निर्वाचन अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि परिणाम की घोषणा के बाद उम्मीदवार विजय रैली नहीं निकालें। साथ ही वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि मतगणना केंद्रों पर भीड़ न हो।