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क्या फ़िज़िकल रिलेशन बनाने से फैल सकता है कोरोना वायरस? जानिए रिसर्च क्या कहती है

चीन के शांगक्यू म्युनिसिपल हॉस्पिटल में एडमिट कोरोना के मरीजों का स्पर्म टेस्ट किया गया, 15 से 50 साल के 38 मरीजों के जांच में से 6 मरीजों के स्पर्म में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है।

क्या फ़िज़िकल रिलेशन बनाने से फैल सकता है कोरोना वायरस? जानिए रिसर्च क्या कहती है, Can coronavirus s- India TV Hindi Image Source : FILE क्या फ़िज़िकल रिलेशन बनाने से फैल सकता है कोरोना वायरस? जानिए रिसर्च क्या कहती है, Can coronavirus spread by sex Know what research says 

कोरोना वायरस क्या फिजिकल रिलेशन बनाने से फैल सकता है? लोगों के मन में लंबे समय से ये सवाल थे अब इस पर रिसर्च सामने आ गई है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि अगर कोरोना वायरस से संक्रमित पुरुष संबंध बनाता है तो उसकी वजह से पार्टनर को भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावना हो सकती है, क्योंकि कोरोना संक्रमित पुरुषों के स्पर्म में कोरोना वायरस मिला है। 

चीन के शांगक्यू म्युनिसिपल हॉस्पिटल में एडमिट कोरोना के मरीजों का स्पर्म टेस्ट किया गया, 15 से 50 साल के 38 मरीजों के जांच में से 6 मरीजों के स्पर्म में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। हालांकि चीन की इस रिसर्च में साफ तौर पर नहीं बताया गया है कि फिजिकल रिलेशन से कोरोना संक्रमण होगा या नहीं।

जेएएमए नेटवर्क ओपन मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च में लिखा है कि COVID-19 सांस की बूंदों, मल, लार और मूत्र में भी पाया गया है।  स्पर्म में ये वायरस पाया जाता है या नहीं इसके लिए ही ये रिसर्च की गई थी। अब 6 लोगों के स्पर्म में ये वायरस मिला है। इन मरीजों में से चार संक्रमण के एक्यूट स्टेज में थे वहीं दो लोग स्वस्थ हो रहे थे। शोधकर्ताओं ने कहा है कि अभी बात की पुष्टि के लिए और शोध की जरूरत होगी कि फिजिकल रिलेशन से ये वायरस आगे ट्रांसमिट होता है या नहीं।

स्टडी में लिखा है कि अगर यह साबित हो जाता है कि कोरोना वायरस फिजिकल रिलेशन बनाने से फैलता है तो इसके संक्रमण की रोकथाम के लिए रास्ता भी मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा है कि फिलहाल संक्रमित या हाल ही में कोरोना से ठीक हुए लोगों को संयम बरतना चाहिए या फिर कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए, यही इसके रोकथाम का उपाय है।

हालांकि  ब्रिटेन के शेफील्ड यूनिवर्सिटी में एंड्रोलॉजी के प्रोफेसर एलेन पैसी ने कहा है कि ये स्टडी ठीक तरीके से प्रमाण नहीं दे रही है कि वायरस स्पर्म के अंदर कितनी देर सक्रिय रहते हैं और क्या उससे वाकई में खतरा है। इस पर अभी औऱ रिसर्च की जरूरत है।

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