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क्या डायबिटीज के मरीज मक्के की रोटी खा सकते हैं? जानें कितना होता है इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ?

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का खासतौर पर ध्यान रखना होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं सर्दियों में खाई जाने वाले मक्के की रोटी का सेवन क्या इसके मरीज कर सकते हैं।

डायबिटीज - India TV Hindi
Image Source : FREEPIK/UNSPLASH डायबिटीज

सर्दियों में लोग मक्के की रोटी खाना खूब पसंद करते हैं। ठंड के मौसम में सरसों के साग के साथ मक्के की रोटी खाकर मज़ा आ जाता है। मक्के की तासीर गर्म होती है इसलिए सेहत के लिहाज़ से भी यह अनाज फायदेमंद है और शरीर को गर्मी देता है। लेकिन क्या मक्के के रोटी डायबिटीज के मरीज खा सकते हैं? दरअसल, डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है। इंडियन डायबिटीज़ फ़ेडरेशन की रिपोर्ट के अनुसार, 89.8 मिलियन भारतीयों के लिए जो डायबिटीज़ के साथ जी रहे हैं, उन्हें हर मौसमी खानपान के साथ सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में चलिए जानते हैं सर्दियों में खाए जाने वाले इस रोटी को डायबिटीज के मरीज खा सकते हैं या नहीं?

क्या है मक्के का ग्लाइसेमिक इंडेक्स?

मक्के के आटे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 52 से 60 के बीच होता है, जो इसे ब्लड शुगर स्पाइक्स के लिए कम से मध्यम श्रेणी में रखता है। इंडियन जर्नल ऑफ़ एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज़्म में प्रकाशित शोध के अनुसार, सफ़ेद चावल और रिफाइंड गेहूं जैसे हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स खाद्य पदार्थों की जगह मक्का जैसे मध्यम-GI अनाज का इस्तेमाल करने से लंबे समय तक ग्लाइसेमिक कंट्रोल में काफ़ी सुधार हो सकता है। मक्के के आटे में डाइटरी फाइबर ज़्यादा होता है जिससे खून में इसका अवशोषण धीमा हो जाता है। तो इस तरह डायबिटीज के मरीज मक्के की रोटियों का स्वाद चख सकते हैं।

मक्के के 5 अन्य स्वास्थ्य लाभ

  • आंखों की सेहत बढ़ाए: मक्का ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन से भरपूर होता है जो आंखों की सेहत के लिए ज़रूरी हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट रेटिना को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने में मदद करते हैं और उम्र से जुड़ी बीमारी के खतरे को कम कर सकते हैं।

  • ज़रूरी B-विटामिन से भरपूर: मक्का विटामिन B1 और विटामिन B9 का अच्छा सोर्स है। थियामिन एनर्जी मेटाबॉलिज्म और कॉग्निटिव फंक्शन के लिए ज़रूरी है, जबकि फोलेट DNA रिपेयर और हेल्दी रेड ब्लड सेल्स बनने के लिए बहुत ज़रूरी है।

  • दिल की सेहत और कोलेस्ट्रॉल: मक्के में मौजूद फाइबर LDL कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है, जिससे धमनियों को साफ रखकर दिल की सेहत अच्छी रहती है।

  • एनर्जी का पावरहाउस: एक कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होने के नाते, मक्का लगातार एनर्जी देता है, जिससे आपको पेट भरा हुआ महसूस होता है और अनहेल्दी खाने की इच्छा कम होती है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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