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Hindi News हेल्थ कोरोना से रिकवरी के बाद कैसे ठीक होगा वात, पित्त, कफ का बैलेंस? स्वामी रामदेव से जानें योग और आयुर्वेदिक उपचार

कोरोना से रिकवरी के बाद कैसे ठीक होगा वात, पित्त, कफ का बैलेंस? स्वामी रामदेव से जानें योग और आयुर्वेदिक उपचार

वात, पित्त और कफ हमारे शरीर को स्पीड देने का काम करते है। इसलिए इसका संतुलन रहना बहुत ही जरूरी है।

swami ramdev - India TV Hindi Image Source : INDIA TV कोरोना से रिकवरी के बाद कैसे पाएं शरीर के तीन दोष से मुक्ति 

स्वामी रामदेव के अनुसार वात पित्त और कफ को त्रिदोष कहते हैं। इनके असतुंलन होने से क्रोनिक डिजीज की समस्याओं हो जाती है। ये हमारे शरीर का नेचर तय करते है। हम जिस अंदरूनी एनर्जी की बात करते हैं तो वह यह तीनों है। वात, पित्त और कफ हमारे शरीर को स्पीड देने का काम  करते है। इसलिए इसका संतुलन रहना बहुत ही जरूरी है। अगर जरा सा भी इनका संतुलन बिगड़ा तो कई खतरनाक रोगों के आप शिकार हो सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार कफ दोष में 28 रोग, पित्त रोग में 40 रोग और वात दोष में 80 प्रकार के रोग होते हैं। जहां कफ की समस्या चेस्ट के ऊपरी हिस्से में होती है। वहीं पित्त की समस्या चेस्ट के नीचे और कमर में होती है। इसके अलावा वात की समस्या कमर के नीचे हिस्से और हाथों में होती है। 

कोरोना से रिकवर होने के बाद लोगों को सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह से वात पित्त और कफ के बैलेंस बिगड़ने की शिकायत भी सामने आ रही है। योग गुरु स्वामी रामदेव से जानें इस त्रिदोष की समस्या को ठीक करने के लिए योगसन, प्राणायाम और घरेलू उपाय।

त्रिदोष से होने वाले रोग

कफ के रोग

  1. मोटापा होना
  2. थायराइड होना
  3. सर्दी, खांसी-जुकाम
  4. आंखों में मोतियाबिंद होना।
  5. कम सुनाई देना।
  6. आंखों का लाल होना।
  7. डार्क सर्कल होना।

पित्त रोग

  1. हिचकियां आना।
  2. जॉन्डिस की समस्या होना। 
  3. स्किन, नाखून और आंखों का रंग पीला होना।
  4. अधिक गुस्सा आना।
  5. शरीर में तेज जलन या गर्मी लगना
  6. मुंह, गला आदि का पकना।
  7. बेहोशी या चक्कर आना।

वात के रोग 

  1. पैर में ऐंठन होना 
  2. घुटने में दर्द होना 
  3. शरीर में तेज दर्द 
  4. स्किन का रफ होना 
  5. शरीर कमजोर होना 
  6. हड्डियों में कैविटी 

त्रिदोष से निजात पाने योगासन

सूर्य नमस्कार

  1. डिप्रेशन दूर करता है
  2. एनर्जी लेवल बढ़ाने में सहायक
  3. वजन बढ़ाने में मददगार योगासन
  4. शरीर को डिटॉक्स करता है
  5. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
  6. पाचन तंत्र बेहतर होता है
  7. शरीर को ऊर्जा मिलती है
  8. मोटापा कम करने में कारगर
  9. हाइट बढ़ाने में मददगार
  10. फेफड़ों तक पहुंचती है ज्यादा ऑक्सीजन

सूक्ष्म व्यायाम

  1. डायबिटीज दूर करने में कारगर है
  2. शरीर से फैट कम करके लचीला बनाता है
  3. सीने और हाथ की मांसपेशियों के लिए फायदेमंद
  4. जांघ की मांसपेशियों को फायदा पहुंचाता है 

मंडूकासन

  1. डायबिटीज को करे कंट्रोल
  2. पेट और हृदय के लिए भी लाभकारी
  3. कंसंट्रेशन की क्षमता बढ़ती है
  4. पाचन तंत्र सही करने में सहायक
  5. लिवर, किडनी को स्वस्थ रखता है
  6. वजन घटाने में मदद करता है
  7. पैन्क्रियाज से इंसुलिन रिलीज करता है
  8. डायबिटीज को रोकने में सहायक
  9. गैस और कब्ज की समस्या दूर होती है 

हलासन

  1. इस आसन से दिमाग शांत होता है 
  2. थायराइड की बीमारी ठीक होती है 
  3. स्ट्रेस और थकान मिटाता है
  4. रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है 

शशकासन

  1. डायबिटीज करे कंट्रोल
  2. तनाव और चिंता दूर होती है
  3. मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है
  4. माइग्रेन के रोग में फायदेमंद
  5. मोटापा कम करने में मददगार
  6. लिवर, किडनी के रोग दूर होते हैं
  7. दिल के मरीजों के लिए लाभकारी
  8. लंबाई बढ़ाने में मददगार

वक्रासन

  1. एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है
  2. याद की हुई चीजें भूलते नहीं
  3. ब्रेन में एनर्जी का फ्लो बेहतर
  4. आंखों पर चश्मा नहीं चढ़ेगा
  5. थायराइड  ग्लैंड एक्टिव होता है
  6. हाथ-कंधे मजबूत बनते हैं
  7. ब्रेन को पर्याप्त ब्लड मिलता है
  8. हार्ट मसल्स एक्टिव होता है
  9. कब्ज ठीक होता है
  10. पाचन क्रिया ठीक रहती है
  11. शुगर ठीक होता है
  12. पेट की कई बीमारियों में राहत

गोमुखासन 

  1. डायबिटीज कंट्रोल रहता है
  2. लिवर, किडनी के रोग दूर रहते हैं
  3. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है
  4. फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है
  5. लिवर, किडनी के रोग दूर होते हैं

भुजंगासन 

  1. किडनी को स्वस्थ रखता है
  2. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है
  3. पाचन ठीक होती है
  4. फेफड़ों को मजबूत बनाता है
  5. कंसंट्रेशन बढ़ाता है
  6. डायबिटीज को ठीक करता है

सर्वांगासन 

  1. तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है
  2. दिल तक शुद्ध रक्त पहुंचता है
  3. एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है
  4. याद की हुई चीजें भूलते नहीं
  5. ब्रेन में एनर्जी का फ्लो बेहतर
  6. आंखों पर चश्मा नहीं चढ़ेगा
  7. थायराइड  ग्लैंड एक्टिव होता है
  8. हाथ-कंधे मजबूत बनते हैं
  9. ब्रेन को पर्याप्त ब्लड मिलता है
  10. हार्ट मसल्स एक्टिव होता है

त्रिदोष के लिए प्राणायाम

  1. कपालभाति
  2. अनिलोम-विलोम
  3. भ्रामरी
  4. उज्जायी
  5. भस्त्रिका

 त्रिदोष में कारगर आयुर्वेदिक उपचार 

  1. एलोवेरा वात, पित्त और कफ बैलेंस करता है
  2. गिलोय जोड़ों के दर्द में लाभदायक
  3. पीडांतक क्वाथ 
  4. हरसिंगार, निर्गुंडी से होगा फायदा

कफ के लिए 

  1. दूध में हल्दी, शिलाजीत, च्यावनप्रकाश 
  2. पाचन ठीक रखने के लिए 
  3. जीरा, धनिया, मेथी, सौंफ अजवाइन का पानी 
  4. सुबह उठकर आंवला, एलोवेरा गिलोय, तुलसी, नीम का सेवन करते रहें 

पित्त के लिए 

  1. गिलोय, एलोवेरा, व्हीटग्राम 
  2. लौकी का जूस 

 

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