जो खाना बच्चों को खिला रहे हैं वही बन रहा है जानलेवा? देश में बढ़ रहा है मोटापे का खतरा, इकोनॉमिक सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा
संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारत में बढ़ती मोटापे की समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह समस्या अब सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों में भी तेज़ी से बढ़ रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को केंद्रीय बजट से पहले संसद में भारत का आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) 2025-26 पेश किया। इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत में मोटापा बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आज भारत में यह एक बड़ी हेल्थ चुनौती बनकर सामने आया है। इस सर्वे में जो सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली है वो है पांच साल से छोटे बच्चों में बढ़ता मोटापा। बढ़ता मोटापा कई गंभीर बीमारियों की वजह बनता है।
5 साल से कम उम्र के बच्चों पर तेजी से मंडरा रहा है मोटापा
इस सर्वे के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के बच्चों में ज़्यादा वज़न 2015-16 में 2.1 प्रतिशत से बढ़कर 2019-21 में 3.4 प्रतिशत हो गया है। अनुमान के मुताबिक, 2020 में भारत में 3.3 करोड़ से ज़्यादा बच्चे मोटे थे और अनुमान है कि 2035 तक यह संख्या 8.3 करोड़ बच्चों तक पहुँच जाएगी।
लगभग 25% महिलाएं और पुरुष मोटापे के शिकार
सर्वे में कहा गया है, यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है और डायबिटीज, दिल की बीमारी और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है। 2019-21 के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के डेटा का हवाला देते हुए, सर्वे में कहा गया है कि 24 प्रतिशत भारतीय महिलाएं और 23 प्रतिशत भारतीय पुरुष ओवरवेट या मोटे हैं। 15-49 साल की महिलाओं में 6.4 प्रतिशत मोटी हैं, और पुरुषों में 4.0 प्रतिशत मोटे हैं।
अल्ट्रा प्रोसेस फ़ूड का ज़्यादा सेवन है मोटापे की वजह:
देश में बढ़ता मोटापे के पीछे और कुछ नहीं बल्कि आपका बिगड़ा हुआ खानपान है। खासकर, पिछले कुछ सालों में जैसे अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का सेवन बढ़ा है ये मुख्य रूप से ज़िम्मेदार है। भारत अल्ट्रा प्रोसेस फ़ूड बिक्री के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ते बाजारों में से एक है। भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की रिटेल बिक्री 2006 में $0.9 बिलियन से बढ़कर 2019 में लगभग $38 बिलियन हो गई, जो 40 गुना ज़्यादा है। इकोनॉमिक सर्वे ने देश में बढ़ते अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड मार्केट पर चिंता जताई है, जो लंबे समय से चले आ रहे खाने के तरीकों को बदल रहा है, खाने की क्वालिटी खराब कर रहा हैऔर कई पुरानी बीमारियों के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है।
कैसे कंट्रोल होगा मोटापा?
देश में मोटापे को रोकने के लिए पोषण अभियान और फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया, ईट राइट इंडिया, राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान और AAMs, स्कूल हेल्थ प्रोग्राम और योग को बढ़ावा देना शामिल हैं। इनका मकसद एक समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है जो स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधि, खाद्य सुरक्षा और जीवनशैली में बदलाव को इंटीग्रेट करता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)