रात के समय आप भी बिस्तर पर घंटों बदलते रहते हैं करवटें? ये आदतें अपनाते ही आएगी गहरी नींद
अगर रात को बिस्तर पर सोते समय आपको भी जल्दी नींद नहीं आती है तो इस परेशानी को दूर करने के लिए इन कुछ आदतों को अपनी जीवनशैली में शामिल करें।

क्या आप भी इन लोगों में से हैं जो बिस्तर पर लेटे हुए कभी दाईं करवट लेते हैं, कभी बाईं, लेकिन नींद आने का नाम ही नहीं लेती। अगर ये सिचुएशन आपके लिए भी रोज़ की कहानी बन चुकी है, तो आप अकेले नहीं हैं। खराब लाइफस्टाइल, तनाव और कुछ गलत आदतें आपकी नींद की क्वालिटी को धीरे-धीरे बिगाड़ देती हैं। अच्छी खबर ये है कि कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप गहरी और सुकून भरी नींद पा सकते हैं। आइए जानते हैं वो आदतें, जो आपकी नींद को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
इन आदतों को अपनाने से नींद आएगी पूरी
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तकिए के कवर और बेडशीट नियमित रूप से बदलें: धूल, पसीने और एलर्जी पैदा करने वाली चीज़ों को जमा होने से रोकने के लिए हर हफ़्ते अपने तकिए के कवर और बेडशीट साफ़ करें। ये चीज़ें त्वचा में परेशानी और साइनस की समस्या पैदा कर सकती हैं जो आपकी नींद में रुकावट डालती हैं। अपने बिस्तर को ताज़ा रखने से न सिर्फ़ अच्छा महसूस होता है, बल्कि यह एक स्वस्थ नींद का माहौल बनाने में भी मदद करता है।
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एक ही समय पर सोएं और जागें: हर दिन, वीकेंड सहित, एक ही समय पर सोएं और जागें। यह नियमित रूटीन आपके शरीर की अंदरूनी घड़ी को नियंत्रित करने में मदद करता है और आपकी नींद की क्वालिटी में सुधार करता है।
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सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल न करें: फ़ोन, टैबलेट और टीवी से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन के उत्पादन में रुकावट डाल सकती है, जिससे सोना मुश्किल हो जाता है। सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन बंद कर दें।
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अपने बेडरूम को अंधेरा करें: ब्लैकआउट पर्दे या व्हाइट नॉइज़ मशीनों का इस्तेमाल आरामदायक नींद को और बढ़ावा दे सकता है।
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सोने से पहले कैफीन या भारी खाना खाने से बचें: कैफीन आपके शरीर में घंटों तक रह सकता है। भारी खाने से पेट में परेशानी हो सकती है जो नींद में रुकावट डालती है। शाम को हल्का खाना खाएं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)