जंग का शोर दिल के लिए है बड़ा खतरा, योगगुरु रामदेव से जानें कौन से योगासन बनाएंगे आपके हार्ट को मजबूत
जब शरीर लगातार तनाव की स्थिति में रहता है तो स्ट्रेस हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, नींद प्रभावित होती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है। ऐसे में बाबा रामदेव से जानते हैं इस स्थिति में अपने हार्ट को मजबूत कैसे बनाएं ?
आज के दौर में किसी भी कोने की जंग, पूरी दुनिया की धड़कनों पर असर डालती है। जब दुनिया में शोर और तनाव बढ़ता है तो उसका असर सिर्फ हमारे शरीर पर भी पड़ता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं लगातार शोर और मेंटल प्रेशर शरीर को 'अलर्ट मोड' में रखता है जिससे स्ट्रेस हार्मोन बिगड़ते हैं, नींद खराब होती है और दिल पर दबाव बढ़ने लगता है। एक स्टडी के मुताबिक, रात के वक्त 50-55 डेसिबल से ज्यादा शोर खून में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है जो हार्ट अटैक की बड़ी वजह बनता है। यानी इस समय खतरा सिर्फ जंग का नहीं है बल्कि उस लंबे तनाव का भी है, जो हमारे दिल पर असर डाल रहा है। ऐसे में चलिए योगगुरु रामदेव से जानते हैं ऐसे तनाव भरे माहौल में अपने दिल को किन योग आसन से हेल्दी और मजबूत बनाएं?
हार्ट को हेल्दी बनाते हैं ये योग आसन
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अनुलोम-विलोम: अगर आप हार्ट को हेल्दी रखना चाहते हैं, तो अनुलोम-विलोम प्राणायाम रोजाना करें। यह आसान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है। शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और दिल पर दबाव कम पड़ता है। यह योगाभ्यास न केवल दिल को मजबूत बनाता है, बल्कि पूरे शरीर को अंदर से ऊर्जा से भर देता है।
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भस्त्रिका: भस्त्रिका में तेज गति से गहरी सांस अंदर लेने और बाहर छोड़ने की प्रक्रिया शामिल होती है। इससे फेफड़ों में जमा धूल, प्रदूषण और विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है, जिससे लंग्स क्लियर होते हैं और उनकी कार्यक्षमता बेहतर होती है। यह प्राणायाम दिल को स्वस्थ रखने में भी सहायक माना जाता है।
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ताड़ासन: नियमित रूप से ताड़ासन करने से न सिर्फ शरीर की मुद्रा सुधरती है, बल्कि दिल को भी मजबूती मिलती है। ताड़ासन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। जब आप सीधे खड़े होकर हाथों को ऊपर उठाते हैं और पूरे शरीर को खींचते हैं, तो इससे शरीर के हर हिस्से में रक्त प्रवाह सुचारु रूप से होने लगता है।
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वज्रासन: नियमित रूप से वज्रासन का करने से ब्लड सर्कुलेशन और हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिलता है। वज्रासन में घुटनों के बल बैठकर एड़ियों पर शरीर का वजन टिकाया जाता है। इस स्थिति में बैठने से शरीर के निचले हिस्से में रक्त प्रवाह संतुलित होता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
