यूरिक एसिड का दर्द हो गया है बेकाबू? एक्सपर्ट से जानें इसे जड़ से खत्म करने के लिए कैसी होनी चाहिए डाइट?
सही आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं इसे नियंत्रित करने के लिए कैसी डाइट फॉलो करना चाहिए?
आजकल की बदलती जीवनशैली में लोग यूरिक एसिड की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। पिछले कुछ सालों में इसके मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यूरिक एसिड के बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या तेजी से बढ़ती है। जब किडनी प्यूरिन को अच्छे तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती है तब यह यूरिक एसिड के रूप में जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है जो आगे चलकर गाउट का कारण बन सकता है। ऐसे में इसे कंट्रोल करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं लेकिन सही डाइट पता नहीं होने से यह कंट्रोल नहीं हो पाता है। यानी यूरिक एसिड कंट्रोल करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हमारी डाइट की होती है। ऐसे में पीएसआरआई हॉसिपटल में एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. प्रशांत जैन, बता रहे हैं कि यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए डाइट कैसी होनी चाहिए, चलिए जानते हैं?
यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए फॉलो करें ये डाइट
लो-प्यूरिन डाइट है ज़रूरी
यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए लो-प्यूरिन डाइट अपनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए अपनी रोज़मर्रा की डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियाँ, साबुत अनाज, और लो-फैट दूध-दही जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करें। विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा, नींबू, अमरूद या स्ट्रॉबेरी शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करते हैं। साथ ही, दिनभर में पानी खूब मात्रा में पीना चाहिए ( इतना जिससे दिन भर में लगभग डेढ़ से दो लीटर पेशाब हो) ताकि यूरिक एसिड पेशाब के जरिए बाहर निकल सके और शरीर में जमा न हो।
इन चीजों को डाइट से करें बाहर
यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए ज़रूरी है कि आप प्यूरिन से भरपूर फूड्स का सेवन बिल्कुल भी न करें। रेड मीट, सार्डिन या ऐन्कोवीज़ जैसी मछलियाँ, शराब, बीयर, और मीठे ड्रिंक्स या सोडा से दूरी बनाकर रखें। इनमें मौजूद प्यूरिन और फ़्रैक्टोज़ यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ा देते हैं। साथ ही, अत्यधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन भी शरीर में सूजन और दर्द को बढ़ा सकता है।
एक्सरसाइज़ भी है ज़रूरी
हेल्दी डाइट के साथ नियमित व्यायाम करना, वजन को नियंत्रित रखना और पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही जरूरी है। मोटापा और निष्क्रिय जीवनशैली यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाने वाले बड़े कारणों में से हैं। तनाव को कम करने और शरीर को एक्टिव रखने से भी फर्क पड़ता है। अगर लगातार जोड़ों में दर्द, सूजन या जलन बनी रहती है, तो इसे अनदेखा न करें और डॉक्टर से परामर्श लें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
