प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से 5 साल पहले, 15 अगस्त 2014 को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को, 2019 में उनकी 150वीं जयंती पर पूरा करने की कसम खाई थी। इसके बाद भारत के सभी गांवों में शौचालय बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी स्वच्छ भारत परियोजना की शुरुआत की गई थी।
सदियों से ग्रामीण भारत में महिलाओं को घरों में शौचालय न होने के चलते खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता था, जो कि काफी अपमानजनक था। इस साल का 2 अक्टूबर एक मायने में भारतीय महिलाओं के लिए एक उत्सव का दिन था, क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री ने बुधवार को भारत को ‘खुले में शौच मुक्त’ घोषित किया। मोदी ने इस अवसर पर कहा, ‘दुनिया हमारी सफलता पर चकित है। हमने पिछले 5 साल में 60 करोड़ की आबादी के लिए 11 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए हैं।’
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत के सभी 699 जिलों को खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित कर दिया गया है। आंकड़े बताते हैं कि पूरे भारत में 5,99,963 गांवों में 1,00,748,884 शौचालय बनाए गए हैं। 2014 में ग्रामीण भारत में जहां स्वच्छता कवरेज 38.7 प्रतिशत था, वहीं अब यह आंकड़ा लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
पांच साल पहले तक ग्रामीण भारत की महिलाओं को खुले में शौच करने के लिए शाम तक इंतजार करना पड़ता था। उन्हें शौच के लिए ग्रुप में इकट्ठे होकर अंधेरे में खुले खेतों की तरफ जाना पड़ता था। यह बेहद ही पीड़ादायक स्थिति थी। आज घरों में शौचालय होने के चलते महिलाओं को अंधेरे में बाहर निकलने की जरूरत नहीं है। अब महिलाएं खुद ही अपने शौचालयों की स्वच्छता का ध्यान रखती हैं, क्योंकि वे दैनिक जीवन में इनका महत्व जानती हैं।
मोदी ने कहा कि यह तरक्की की राह में एक छोटा-सा कदम है। जल जीवन मिशन पर पहले ही काम शुरू हो चुका है, जिसका उद्देश्य 2022 तक सभी ग्रामीण घरों में पाइप से पानी उपलब्ध कराना है। बुधवार को मोदी ने एक और महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की- 2022 तक पूरे भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल खत्म करने की।
सिंगल यूज प्लास्टिक दुनिया के वातावरण के लिए शाप साबित हुआ है। मुझे पूरा यकीन है कि मोदी इस बार फिर सफल होंगे। मैं समाज के सभी वर्गों से अपील करूंगा कि वे प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग बंद करें और इसकी बजाय दैनिक उपयोग के लिए जूट के थैलों का इस्तेमाल करें। आइए, अपनी आने वाली पीढ़ियों के हित में हम अपना एक छोटा-सा योगदान दें। (रजत शर्मा)
देखिए, 'आज की बात' रजत शर्मा के साथ, 02 अक्टूबर 2019 का पूरा एपिसोड
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