14 जुलाई को पुलिस को एक बच्ची की गुमशुदगी की ख़बर मिली हमने FIR दर्ज कर जांच शुरु की। बच्ची के परिवार भी पुलिस के साथ था दो घंटे के बाद हमें एक घर में बच्ची की लाश मिली वहा से हमे कुछ सबूत हाथ लगे जिनकी मदद से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के रिकोर्ड को चेक किया गया तो पता चला कि ये पिछले साल भी इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है। रविन्द्र ने बताया की वो अबतक 15 वारदात को अंजाम दे चुका है। आरोपी बच्चों को ही अपना निशाना बनाता था। कई वारदातो में इसने बच्चों को मार भी डाला। पिछले साल बेगमपूर में एक वारदात में बच्ची बच गई थी क्योकि हमने समय रहते बच्ची की तलाश की जहा एक घर में बच्ची घायल हालात में मिली थी।
14 तारीख को जब हमने बच्ची की खोज कर रहे थे तब एक घर में कुछ कागजात मिले जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस था जो आरोपी सन्नी का था। सन्नी से पुछताछ की तो उसने रविन्द्र का नाम बताया। सन्नी ने पुछताछ में पुलिस को बताया कि रविन्द्र ने उसके कागजात छिन लिये थे। जब हमने रिकार्ड चेक किए तो पता चला पिछले साल एक रविन्द्र नाम के लड़का हमने गिरफ्तार किया था। रविन्द्र ही वो ही लड़का था।
रविन्द्र ज्यादातर बच्चों को अकेला देख वारदात को अंजाम देता था। वह बच्चों को पैसों का लालच देकर अपने पास बुलाता था।
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