नयी दिल्ली: भारतीय सेना के 21 यूनिट के करीब 70 कमांडरों के एक दल ने म्यामांर सीमा के भीतर रात के अंधियारे में लक्ष्य पर किये गये सटीक हमले में कल NSCN एवं KYKL उग्रवादी समूहों के 38 विद्रोहियों को मार गिराया था।इन कमांडरों को म्यामांर सीमा से लगने वाले भारतीय क्षेत्र में धुव्र हेलीकाप्टरों से उतारा गया। इसके बाद वे दो दलों में बंट गये। कमांडर असाल्ट राइफल्स, राकेट लांचर, गे्रनेड और रात में देख सकने में सक्षम उपकरणों से लैस थे।
सेना के विशेष बल के कमांडो विभाजित होने के बाद NSCN एवं KYKL द्वारा संचालित दो शिविरों की ओर बढ़े। माना जाता है कि ये दोनों समूह ही चार जून को घात लगाकर किये गये भीषण हमले के लिए जिम्मेदार हैं जिनमें 18 सैनिक मारे गये एवं 11 अन्य घायल हो गये।
शिविर तक पहुंचने से पहले इन कमांडो को जंगलों में करीब 5 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ी।
सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि दोनों दलों में से प्रत्येक को दो उप समूहों में विभाजित किया गया था। इनमें से एक समूह को सीधे हमले की जिम्मेदारी दी गयी थी जबकि दूसरे ने बाहरी घेरा बनाया ताकि किसी भी विद्रोही को बचकर भाग निकलने से रोका जा सके।
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