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Hindi News भारत राष्ट्रीय Himachal Pradesh News: अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से 6 लोगों की मौत, 13 अन्य के मारे जाने की आशंका

Himachal Pradesh News: अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से 6 लोगों की मौत, 13 अन्य के मारे जाने की आशंका

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से भारी तबाही मची है। इस तबाही के बीच हुए हादसों में लगभग 20 लोगों के मारे जाने की आशंका है जिसमें 6 की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

Flood In Himachal Pradesh- India TV Hindi Image Source : ANI Flood In Himachal Pradesh

Highlights

  • अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत
  • 13 अन्य के मारे जाने की आशंका है
  • मुख्यमंत्री ने लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य के मारे जाने की आशंका है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राज्य के हमीरपुर जिले में आई बाढ़ के बाद फंसे 22 लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण सुबह कांगड़ा जिले में चक्की पुल के ढह जाने के बाद जोगिंदर नगर-पठानकोट मार्ग के बीच ट्रेन सेवा निलंबित कर दी गई। रेलवे प्राधिकारियों ने पुल को असुरक्षित घोषित किया था। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और कहा कि प्रशासन प्रभावित जिलों में युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहा है। 

चंबा में भूस्खलन से मकान ढहा, 3 की मौत

अधिकारियों ने बताया कि चंबा जिले में बारिश के कारण भूस्खलन होने के बाद एक मकान के ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। चंबा जिला आपातकालीन अभियान केंद्र (DEOC) ने बताया कि चौवारी तहसील के बनेत गांव में शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे भूस्खलन हुआ, जिसके बाद मकान ढह गया और तीन लोगों की मौत हो गई। 

मंडी में आए बाढ़ से 1 लड़की की मौत

अधिकारियों ने बताया कि मंडी जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से एक लड़की की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य लोगों के भी मारे जाने की आशंका है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मंडी में शुक्रवार रात मंडी-कटोला-पराशर मार्ग पर बाघी नाले में एक लड़की का शव उसके घर से करीब आधा किलोमीटर दूर बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि बाढ़ में लड़की के परिवार के पांच सदस्यों के भी बह जाने की सूचना है। 

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काशन गांव में एक ही परिवार के 8 सदस्य मलबे में दबे

विभाग के अनुसार, बादल फटने के बाद कई परिवारों ने बागी से पुराने कटोला क्षेत्र के बीच स्थित अपने घरों को छोड़ दिया और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। अधिकारियों ने बताया कि गोहर विकास खंड के काशान गांव में भूस्खलन के बाद एक परिवार के आठ सदस्यों के उनके घर के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि बहरहाल, उनके शव अभी तक बरामद नहीं हुए हैं। अचानक आई बाढ़ और कई जगहों पर भूस्खलन के कारण मंडी जिले की कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। 

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बाढ़ का पानी लोगों के घर में घुसा, कई वाहन क्षतिग्रस्त

पुलिस के अनुसार बल्ह, सदर, थुनाग, मंडी और लामाथच में अचानक आई बाढ़ के बाद घरों और दुकानों में पानी घुस जाने के कारण कई ग्रामीण वहां फंस गए हैं, जबकि कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लगातार जारी बारिश के कारण शनिवार को स्कूल बंद रहे। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं और लोग अपने घरों में फंसे हैं। 

Image Source : IndiaTVHouse Got Destroyed In Himachal Pradesh

कांगड़ जिले में 1 बच्चे और 48 वर्षीय युवक की मौत

अधिकारियों ने बताया कि कांगड़ा में कच्चे मकान के ढह जाने से नौ वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई। जिले के लाहर गांव में भूस्खलन के कारण 48 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी पहचान बाल मुकुंद के रूप में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के कारण कांगड़ा घाटी चक्की नदी रेल पुल के दो स्तंभ भी बह गए। 

राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का अनुमान

विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के बाद पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग ने 25 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश के पूर्वानुमान के कारण भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, सोलन, हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जिलों में अगले तीन-चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने और कुछ हिस्सों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। 

DEOC को सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने को कहा

मोख्ता ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (DEOC) को सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाने का निर्देश दिया, क्योंकि इस अवधि में भूस्खलन, अचानक बाढ़ आने, बादल फटने, चट्टान गिरने, नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने, खराब दृश्यता और आवश्यक सेवाओं में व्यवधान की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इस बीच, 28 अगस्त तक मध्यम से भारी बारिश के भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर कांगड़ा जिला प्रशासन ने एक परामर्श जारी करके पर्यटकों एवं लोगों को नदियों के पास नहीं जाने की सलाह दी है।

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