राहत इंदौरी आधुनिक युग के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली भारतीय उर्दू शायर, गीतकार और चित्रकार थे। वे अपनी बेबाक शायरी, बुलंद आवाज और मंच पर कविता पढ़ने के अपने खास अंदाज़ के लिए दुनिया भर में मशहूर थे। राहत साहब अपनी शायरी में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर तीखा प्रहार करने के लिए भी जाने जाते थे। उनकी पंक्तियां अक्सर विरोध और इंकलाब की आवाज़ बनती थीं। ऐसे में यहां हम उनके कुछ मशहूर शेर लेकर आए हैं।
1.दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए
2. बैठे बैठे कोई ख़याल आया
ज़िंदा रहने का फिर सवाल आया
3. चराग़ों का घराना चल रहा है
हवा से दोस्ताना चल रहा है
4. हौसले ज़िंदगी के देखते हैं
चलिए कुछ रोज़ जी के देखते हैं
5. बोतलें खोल कर तो पी बरसों
आज दिल खोल कर भी पी जाए
6. सूरज सितारे चांद मिरे साथ में रहे
जब तक तुम्हारे हाथ मिरे हाथ में रहे
7. नए किरदार आते जा रहे हैं
मगर नाटक पुराना चल रहा है
8. बुलाती है मगर जाने का नइं
वो दुनिया है उधर जाने का नइं
9. चराग़ों को उछाला जा रहा है
हवा पर रो'ब डाला जा रहा है
10. अंधेरे चारों तरफ़ साएं साएं करने लगे
चराग़ हाथ उठा कर दुआएँ करने लगे
Latest Lifestyle News