स्वस्थ रहने के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है। रात में 7-8 घंटे चैन की नींद सोने वालों का स्वास्थ्य रातभर करवट बदलने वालों से कहीं बेहतर होता है। हालांकि आपकी नींद और स्वास्थ्य पर इस बात का भी असर होता है कि आप किस करवट सो रहे हैं। आयुर्वेद में सोने की स्थिति को भी बेहद खास माना गया है। आपको पूरब या दक्षिण दिशा में सिर और उत्तर या पश्चिम दिशा में पैर करके सोना चाहिए। इसके अलावा आपको दाएं या बाएं किस करवट सोना चाहिए इसके बारे में बताया गया है। कौन सी करवट लेकर सोना शरीर के लिए फायदेमंद होता है आइये जानते हैं।
किस करवट से सोना अच्छा होता है?
आयुर्वेद में दाहिनी ओर करवट लेकर सोना अच्छा माना जाता है। हालांकि कुछ लोग रातभर करवट बदलते रहते हैं, लेकिन जब आंख खुले आप बाईं करवट सोने की कोशिश करें। इससे रीढ़ की हड्डी बेहतर और मजबूत बनती है। साथ ही सोते वक्त सही तकिया और गद्दे का इस्तेमाल भी करें। बाईं करवट सोना कुछ लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। जैसे गर्भवती महिलाएं, सीने में जलन, कंधे में दर्द या दिल की बीमारी हो।
गर्भावस्था में किस करवट सोना चाहिए- कहा जाता है कि गर्भावस्था के दौरान आपको बाएं ओर करवट लेकर सोना चाहिए। जैसे-जैसे प्रेगनेंसी आगे बढ़ती है एक्सपर्ट बाईं ओर करवट लेकर सोने की सलाह देते हैं। इससे बच्चे के सही विकास में मदद मिलती है। हालांकि कभी-कभार दाहिनी ओर सोना भी ठीक है, लेकिन गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान पीठ के बल सोने से बचने की सलाह दी जाती है।
सीने में जलन होने पर किस करवट सोना चाहिए- जिन लोगों को सीने में जलन की समस्या रहती है उन्हें आमतौर पर बिस्तर के सिरहाने को ऊपर उठाकर सोने की सलाह दी जाती है। हालांकि कुछ स्टडीज में पाया गया है कि बाईं ओर करवट लेकर सोने से एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।
हार्ट के मरीज को किस करवट सोना चाहिए- जो लोग हार्ट की बीमारियों से जूझ रहे हैं। जिन्हें पहले कभी हार्ट अटैक आ चुकी है उन लोगों को कभी-कभी बाईं ओर लेटने पर सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। ऐसे लोगों को दाईं ओर लेटने पर आराम मिलता है। हार्ट के रोगियों को दाईं ओर करवट लेकर सोना चाहिए।
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