लियोनेल मेसी ने अपने साथी खिलाड़ी लुइस सुआरेज और रोड्रिगो डी पॉल के साथ वनतारा का दौरा किया। वनतारा में मेसी और उनके साथियों का भारतीय शैली में लोक संगीत और फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान मेसी न केवल भारतीय परंपराओं और सनातन संस्कृति से रूबरू हुए बल्कि उन्होंने ध्यान के महत्व को भी समझा और महसूस किया। इस मौके पर विश्व शांति और एकता की प्रार्थना की गई, जो भारत की सभी जीव-जंतुओं के प्रति श्रद्धा और सम्मान की शाश्वत परंपरा के अनुरूप है। मेसी ने नारियल उत्सर्ग और 'मटकी फोड़' जैसी रस्मों को भी निभाया, जो भारतीय संस्कृति में शुभता का प्रतीक मानी जाती हैं।
वनतारा में मेसी का जोरदार स्वागत
वनतारा के मुख्य दरवाजे पर मेसी ने हाथ जोड़कर तस्वीर खिंचवाई, अंदर पहुंचते ही पुष्पवर्षा के साथ मेसी और साथी खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। सनातन संस्कृति में 'अतिथि देवो भव:' कहा जाता है। मेसी का स्वागत भी ठीक ऐसे ही किया गया। पहले वनतारा के मेहमान के रूप में उनकी आरती की गई फिर गले में रुद्राक्ष की माला पहनाकर माथे पर टीका लगाया गया। हवन में भी हिस्सा लिया।
आरती में शामिल हुए लियोनेल मेसी
फुटबॉल के दिग्गज मेसी ने मंदिर में 'महाआरती' में भाग लिया, जिसमें अंबे माता पूजा, गणेश पूजा और हनुमान पूजा की। मेसी ने भगवान गणेश के चरणों में अपना सिर झुकाया और जय माता दी का जयकारा भी लगाया। इसके बाद मेसी ने शिवलिंग अभिषेक किया जिसमें जल, दूध, बेलपत्र और फूल माला चढ़ाकर भोलेशंकर का अशीर्वाद लिया। मेसी,लुइस सुआरेज और रोड्रिगो ने अनंत अंबानी के साथ मिलकर हर-हर महादेव का जोरदार जयकारा लगाया।
वनतारा में ध्यान में डूबे मेसी और साथी खिलाड़ी
ओम के मंत्रोच्चार पर मेसी और उनके साथियों में ध्यान किया। आंख बंद करते ध्यान मुद्रा में बैठकर मेसी ने भारत की सदियों पुरानी परंपराओं का अनुभव किया। भारत की सांस्कृतिक आत्मा से वो पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए। वनतारा में मेसी ने भारत का प्रत्यक्ष अनुभव करते हुए यहां के रीति-रिवाजों, ज्ञान और जीवंत संस्कृति के बारे में गहराई से जानने की कोशिश की।