हेल्थ डेस्क: खराब लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान के कारण हमें कई बीमारियों का सामना करना पड़ता। आज के समय में ऑफिस में दिनभर कम्प्यूटर के सामने बैठे रहने से हमें आंखो संबंधी कई समस्याएं हो जाती है। जैसे कि धुंधला दिखना, आंखो से पानी आना, आई साइट कम हो जाना, आंको में दर्द आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। (अपनाएं ये घरेलू उपाय और सिर्फ 2 दिन में पाएं पेट के कीड़ो से निजात)
हाल में ही एक शोध हुआ जिसमें ये बात सामने आई कि साल 2050 तक दुनिया की तीन आबादी नेत्रहीन हो जाएगी। इसका जो आंकड़ा आया वो हैरान करने वाला था।
उम्र दराज आबादी बढ़ने के कारण नेत्रहीनों वैश्विक आबादी 2050 तक तिगुनी हो जाएगी। नेत्रहीन व दृष्टि विकार वाले लोगों की आबादी 2020 तक 3.6 करोड़ से बढ़कर 3.8 करोड़ और 2050 तक 11.5 करोड़ हो जाएगी। इस शोध का प्रकाशन पत्रिका लैंसेट ग्लोबल हेल्थ में किया गया है। इसमें कहा गया है कि 2015 में अनुमानत: 3.6 करोड़ लोग नेत्रहीन थे, 21.7 करोड़ लोग मध्यम या गंभीर रूप से दृष्टिहीन थे और 18.8 करोड़ लोगों में मामूली दृष्टि दोष था।
नजदीक दृष्टि दोष से 35 साल या ज्यादा आयु के 1.09 अरब लोग प्रभावित थे। सबसे ज्यादा नेत्रहीन लोग दक्षिण एशिया (1.17 करोड़ , 80 फीसदी) इसके बाद पूर्वी एशिया (62 लाख)व दक्षिणपूर्व एशिया (35 लाख) में हैं। (फायदा नहीं नुकसान पहुंचाती हैं शुगर फ्री गोलियां, हो सकती है ये गंभीर बीमारी)
Latest Lifestyle News