Chhath Puja 2019: जानिए छठ पूजा की सुबह अर्घ्य देने का सही समय, पूजन विधि और महत्व
चार दिनों तक चलने वाला महापर्व छठ पूजा की धूम हर तरफ मची हुई है। भगवान सूर्य की पूजा का महापर्व छठ पूजा के लिए अर्घ्य का आज पहला दिन था और कल सुबह सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य के साथ इस महापर्व का समापन हो जाएगा।

छठी मइया के घाट पर बैठकर इस कथा का पाठ कर सकते हैं
पौराणिक कथा के अनुसार प्रियव्रत नाम का एक राजा था। उनकी पत्नी का नाम था मालिनी। दोनों की कोई संतान नहीं थी। इस बात से राजा और रानी दोनों की दुखी रहते थे। संतान प्राप्ति के लिए राजा ने महर्षि कश्यप से पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया। यह यज्ञ सफल हुआ और रानी गर्भवती हुईं। लेकिन रानी को मरा हुआ बेटा पैदा हुआ।